गंभीर हालत में भर्ती एक युवक के सिर में फंसी जंग लगी कुल्हाड़ी को कोटा मेडिकल कॉलेज के सर्जन्स ने जटिल ऑपरेशन कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
सिर में फंसी कुल्हाड़ी
कोटा, राजस्थान। बारां जिले के भंवरगढ़ कस्बे में आपसी रंजिश के चलते सोते समय एक युवक पर अज्ञात हमलावरों ने कुल्हाड़ी से बेहद जानलेवा हमला कर दिया। वार इतना जोरदार था कि कुल्हाड़ी युवक के सिर की हड्डी को भेदते हुए अंदर ही फंस गई। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए मरीज को तुरंत कोटा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए तुरंत एक बेहद आपातकालीन और जटिल ऑपरेशन करने का फैसला लिया। [1]
भंवरगढ़ थाना अधिकारी गोपीलाल आर्य के अनुसार पीड़ित युवक रामजीलाल सहरिया अपनी बस्ती में सो रहा था तभी उस पर यह हमला हुआ। अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. एस.एन. गौतम ने बताया कि जब मरीज को लाया गया तो उसकी हालत बेहद चिंताजनक थी। इस बेहद चुनौतीपूर्ण सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को सिर की हड्डी काटने के लिए विशेष कटर मशीन का उपयोग करना पड़ा। लगातार तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टरों की टीम ने फंसे हुए हथियार को सिर से सुरक्षित बाहर निकाला। [विडियो - विचलित कर सकता है]
इस अत्यंत संवेदनशील ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में ब्लड लॉस होने के कारण मरीज का ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा था, जिसे मेंटेन करना डॉक्टरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके साथ ही कुल्हाड़ी का लकड़ी का हत्था बाहर होने के कारण कोटा मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विशेषज्ञों को श्वास नली डालने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस समस्या से निपटने के लिए सर्जन्स ने तत्परता दिखाते हुए मरीज के गले में छोटा सा छेद करके ट्रेकियोस्टोमी प्रक्रिया के जरिए उसे कृत्रिम सांस दी।
डॉक्टरों के मुताबिक जंग लगी कुल्हाड़ी कई घंटों तक सिर के भीतर धंसी रहने के कारण मरीज के दिमाग में गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। इस जटिल सर्जरी को डॉ. कनिष्क गोयल और डॉ. अलंकार शर्मा की टीम ने अंजाम दिया। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को अभी गहन चिकित्सा इकाई में वेंटिलेटर और हैवी एंटीबायोटिक सपोर्ट पर रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर लगातार चौबीसों घंटे कड़ी नजर रख रही है।
दूसरी ओर इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गरमाहट भी देखने को मिल रही है। कांग्रेस नेताओं ने कोटा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर घायल मरीज को समय पर बेड न मिलने और इलाज शुरू होने में देरी करने का बड़ा आरोप लगाया है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को लाते ही तुरंत प्राथमिकता के आधार पर सभी जरूरी जांचें पूरी कर आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया था ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट स्थानीय संवाददाताओं और प्राथमिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तुत समाचार कोटा अस्पताल में हुए जटिल ऑपरेशन और पुलिस की प्राथमिक जांच से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।