हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए मिसाइल हमले में भारतीय नाविक की मौत के बाद भारत सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India
नई दिल्ली, दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के व्यापारिक तेल टैंकरों पर हुए क्रूज मिसाइल हमलों के बाद भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस घातक हमले में भारतीय नाविक की मौत और कई अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद विदेश मंत्रालय ने फौरन एक्शन लिया है। इस हिंसक कार्रवाई के विरोध में नई दिल्ली में तैनात ईरानी राजनयिकों को तत्काल तलब किया गया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस तरह नागरिकों की जान जाना बेहद गंभीर मामला है। [1]
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ओमान समुद्री क्षेत्र में यूएई के दो बड़े जहाजों को निशाना बनाकर दो मिसाइलें दागी गईं। यह दोनों तेल टैंकर दक्षिणी मार्ग से सामान्य पारगमन कर रहे थे तभी अचानक हुए इस विस्फोट से दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। इस घटना ने पूरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।
इस अचानक हुए हमले में जहाजों पर सवार लोगों को अपनी जान बचाने का मौका भी नहीं मिला। इस हादसे में हुई भारतीय नाविक की मौत पर पूरे देश में इस समय गहरा आक्रोश फैल गया है। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में अपनी गंभीर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी उकसावे वाली सैन्य घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि इस गंभीर मुद्दे पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए भारत की तरफ से ईरान को कड़ा समन सौंपा गया है।
संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय दूतावास इस समय वहां के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है। दूतावास घायल हुए अन्य छह भारतीय नाविकों की चिकित्सा स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। यूएई सरकार ने भी कहा है कि वह अपने हितों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस सैन्य कार्रवाई का उचित जवाब देगी।
दोनों देशों के बीच इस तनावपूर्ण स्थिति के बाद अब वैश्विक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर राजनयिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए खाड़ी क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हुई इस हिंसक वारदात में भारतीय नाविक की मौत के बाद अब ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है क्योंकि इस घटना से दोनों देशों के मजबूत राजनयिक संबंधों पर आने वाले दिनों में बहुत प्रतिकूल असर पड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह रिपोर्ट खाड़ी क्षेत्र में यूएई के जहाजों पर हुए हमले और भारत द्वारा ईरानी राजनयिकों को तलब किए जाने से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।