शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक संवर्ग की समस्याओं को दूर करने और सुगम दूरी पर कर्मचारियों का स्थानांतरण करने के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन सौंपते प्रदेशाध्यक्ष कमलनारायण आचार्य
बीकानेर, राजस्थान। शिक्षा विभागीय कर्मचारी संघ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष कमलनारायण आचार्य द्वारा माननीय राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और निदेशक को एक विशेष ज्ञापन सौंपा गया है। इस पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि विभाग में मंत्रालयिक वर्ग की अनदेखी बंद की जाए और अंतिम तिथि को आगे बढ़ाते हुए पात्र कर्मचारियों का स्थानांतरण सुनिश्चित किया जाए। प्रतिबंध हटने के बावजूद इस संवर्ग की अनदेखी से रोष व्याप्त है और मांग की गई है कि पीड़ित कर्मचारियों का स्थानांतरण सुगमता से किया जाए।
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि विभाग के अन्य सभी कैडर के तबादले होने के बावजूद मंत्रालयिक वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची जारी नहीं की गई थी। इस संबंध में ग्यारह जुलाई को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल सहित उच्चाधिकारियों को ईमेल द्वारा ज्ञापन भेजा गया था जिसके बाद दस जुलाई के क्रम में कुछ कार्रवाई शुरू हुई है। संघ का कहना है कि सुचारू व्यवस्था और जन प्रतिनिधियों द्वारा दी गई अनुशंसाओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही पात्र कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाना चाहिए।
पदोन्नति के दौरान कई कर्मियों को अपने गृह जिलों से तीन सौ से पांच सौ किलोमीटर दूर भेज दिया गया है जिससे वे गंभीर मानसिक व शारीरिक तनाव झेल रहे हैं। कई वरिष्ठ कर्मचारी इस दूरी से परेशान होकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तक के लिए लिखने को मजबूर हो गए हैं। इस पीड़ा को समझते हुए जन भावनाओं और डिजायरों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। सुशासन की नीति के तहत बिना किसी भेदभाव के जल्द से जल्द पीड़ित कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
संघ ने सरकार से मांग की है कि तबादलों के लिए निर्धारित समय सीमा को तुरंत आगे बढ़ाया जाए ताकि सुदूर क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं और बीमार कर्मचारी भी अपने गृह जिलों के नजदीक आ सकें। यदि इस दिशा में समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो प्रशासनिक कामकाज पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। बीकानेर मुख्यालय से शुरू हुई यह मांग अब पूरे राजस्थान के कर्मचारियों की बड़ी आवाज बन चुकी है जिसे लेकर प्रशासनिक हलकों में मंथन शुरू हो चुका है।
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे सरकार के समक्ष लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और पीड़ित संवर्ग को राहत देने के लिए तुरंत एक व्यावहारिक नीति लागू की जानी चाहिए। यदि सरकार कर्मचारियों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक कदम उठाती है तो इससे कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी और सभी स्तरों पर सुचारू रूप से कार्य हो सकेगा। इन मांगों को पूरा करते हुए पात्र कर्मचारियों का स्थानांतरण करना वर्तमान समय की मांग है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यह रिपोर्ट राजस्थान शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग और संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन से संबंधित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।