अंतरराष्ट्रीय

पीओके में प्रदर्शन: नागरिकों पर बल प्रयोग के बाद और तेज हुआ

नागरिकों पर सैन्य कार्रवाई के बाद पीओके में प्रदर्शन तेज हो गया है, जहाँ लोगों ने आजादी के नारे लगाते हुए सख्त अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।

By अजय त्यागी 1 min read
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पीओके में प्रदर्शन

इस्लामाबाद, पाकिस्तान। पकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहा अशांति का दौर अब 36वें दिन में प्रवेश कर चुका है जहाँ एक विशाल जनसभा में हजारों लोग एकत्रित हुए हैं। स्थानीय नेताओं ने सरकार पर इस क्षेत्र पर जबरन कब्जा करने का सीधा आरोप लगाते हुए इस्लामाबाद के पुराने आख्यान को पूरी तरह खारिज कर दिया है। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे संवेदनशील क्षेत्र पीओके में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में 6 नागरिकों की मौत हो गई है। [1]

तनाव का कारण

संबोधन के दौरान स्थानीय समिति के नेताओं ने इस क्षेत्र को विवादित क्षेत्र के बजाय पूरी तरह से एक अधिकृत क्षेत्र घोषित किया है। प्रदर्शनकारियों ने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है कि जब तक उन्हें पूर्ण विजय प्राप्त नहीं हो जाती तब तक यह संघर्ष किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा भले ही इसके लिए उन्हें अपने प्राणों की आहुति क्यों न देनी पड़े। पूरे सभा स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाए गए जिससे पूरे क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

इस बीच यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई इस हिंसक सैन्य कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। राजनीतिक दलों ने इस पूरे घटनाक्रम की एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है ताकि निर्दोष लोगों की असमय मौतों और अंधाधुंध गिरफ्तारियों पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन से तुरंत बल प्रयोग बंद करने और सभी हिरासत में लिए गए नागरिकों को न्यायालय के समक्ष पेश करने का आग्रह किया गया है।

सुरक्षा का संकट

विभिन्न मानवाधिकार संगठनों ने वैश्विक समुदाय से इस पूरे मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और एक विशेष खोजी दल भेजने की अपील की है। पीओके में प्रदर्शन के दौरान वर्तमान में पूरा क्षेत्र सख्त नाकेबंदी, कर्फ्यू और पूर्ण संचार ब्लैकआउट के साए में जी रहा है जिससे मानवीय सहायता और चिकित्सा आपूर्ति बाधित हो गई है। खाद्य पदार्थों और दवाओं की तीव्र कमी के कारण आम नागरिकों का दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है और क्षेत्र में अराजकता की स्थिति बनी हुई है।

सरकार ने आंतरिक सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी प्रमुख चौराहों और रणनीतिक मार्गों पर अतिरिक्त सैन्य टुकड़ियों को तैनात कर दिया है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। आने वाले दिनों में यह अशांति और अधिक हिंसक रूप ले सकती है क्योंकि स्थानीय लोग अपनी मांग पर पूरी तरह अड़े हुए हैं। इस अभूतपूर्व और ऐतिहासिक पीओके में प्रदर्शन के कारण उत्पन्न हुए सुरक्षा संकट को देखते हुए सभी क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों, क्षेत्रीय विवादों और मानवाधिकार सुरक्षा से संबंधित किसी भी रणनीतिक निर्णय के लिए अधिकृत सरकारी और राजनयिक स्रोतों से परामर्श लें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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