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फर्जी कॉल का खतरा: दूतावास का अलर्ट, राजनयिकों के नाम पर धोखाधड़ी

राजनयिकों के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के चलते फर्जी कॉल का खतरा मंडरा रहा है, जिसके लिए दूतावास ने सख्त एडवाइजरी जारी की है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो - Rex TV India

बोस्टन, अमेरिका। भारतीय समुदाय के लोगों और प्रवासियों को निशाना बनाकर किए जा रहे डिजिटल अपराधों के खिलाफ एक बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए अपनी जांच को बहुत तेज कर दिया है जो खुद को राजनयिक अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहे हैं। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे संवेदनशील मामले में आधिकारिक टेलीफोन नंबरों की क्लोनिंग करके बढ़ रहे फर्जी कॉल का खतरा लोगों के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती बन गया है। [1]

साजिश का तरीका

अधिकारियों के अनुसार यह पूरा सिंडिकेट इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करके उन लोगों पर पैनी नजर रखता है जिनके वीजा या पासपोर्ट संबंधी दस्तावेज प्रक्रिया में होते हैं। ऐसे लोगों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनके संवेदनशील दस्तावेजों को हासिल करने का प्रयास किया जाता है। शुरुआत में इस बढ़ते फर्जी कॉल का खतरा के माध्यम से लोगों को तुरंत पैसे ट्रांसफर करने या डिजिटल करेंसी में भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है और गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है।

इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा डर का माहौल बनाना है जिससे पीड़ित आसानी से उनकी बातों में आ जाएं और अपनी पहचान संबंधी गोपनीय जानकारी साझा कर दें। इसके लिए सीमा पार बैठे कई अन्य हैंडलर भी सक्रिय रूप से अलग-अलग जाली डिजिटल खातों का संचालन कर रहे हैं। एजेंसियों ने हाल ही में इस नेटवर्क से जुड़े 200 से अधिक संदिग्ध डिजिटल लिंक्स की व्यापक जांच की है ताकि इस बढ़ते फर्जी कॉल का खतरा को पूरी तरह से रोका जा सके।

भविष्य का संकट

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार इस सिंडिकेट के सदस्य आने वाले समय में प्रवासियों को निशाना बनाने के लिए अपनी गतिविधियों को और अधिक तीव्र करने की योजना बना रहे हैं। स्थानीय सुरक्षा बलों और साइबर अपराध रोधी दस्तों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित घटना को समय रहते रोका जा सके। डिजिटल फॉरेंसिक टीमें भी संदिग्ध बैंक खातों की गहनता से तकनीकी जांच कर रही हैं ताकि सभी वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।

नागरिकों से भी यह अपील की गई है कि वे इंटरनेट का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें और आधिकारिक ई-मेल के अलावा किसी अन्य माध्यम पर भरोसा न करें। आने वाले दिनों में यह सुरक्षा अभियान और अधिक कड़ा हो सकता है क्योंकि सरकार डिजिटल ठगी को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। इस गंभीर फर्जी कॉल का खतरा से आम लोगों को बचाने और देश विरोधी वित्तीय साजिशों को पूरी तरह से नाकाम करने के लिए सभी खुफिया इकाइयां निरंतर प्रयासरत हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। साइबर सुरक्षा, डिजिटल कानूनों और राजनयिक नियमों से संबंधित किसी भी रणनीतिक निर्णय के लिए अधिकृत सुरक्षा और सरकारी स्रोतों से परामर्श लें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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