12 दिन बाद हुआ बाज का रेस्क्यू, जब 112 फीट ऊंचे टावर पर रस्सियों और तारों में फंसे पक्षी को दमकल टीम ने सुरक्षित आजाद कराया और वह खुले आसमान में उड़ गया।
बाज का रेस्क्यू
प्रतापगढ़, राजस्थान। बाज का रेस्क्यू यादवपुर गांव में उस समय किया गया जब 112 फीट ऊंचे टावर पर एक बाज करीब 12 दिन से रस्सियों और तारों में फंसा था। पक्षी लगातार खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रहा था लेकिन ऊंचाई और उलझे तारों के कारण सफल नहीं हो पा रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक बाज बिना भोजन और पानी के लंबे समय से वहां फंसा था और उसकी हालत कमजोर होती जा रही थी। आखिरकार ग्रामीणों ने दमकल विभाग को सूचना दी और टीम मौके पर पहुंची। [1]
दमकल टीम के पहुंचने के बाद टावर की ऊंचाई और बाज की स्थिति का जायजा लिया गया। पक्षी रस्सियों और तारों में बुरी तरह उलझा था और उसे जल्दबाजी में निकालना जोखिम भरा हो सकता था। टीम ने सावधानी से बचाव अभियान शुरू किया। दमकलकर्मी अश्वनी कुमार ने आगे बढ़कर रस्सियों और तारों को हटाने का काम किया। काफी प्रयास के बाद बाज को उलझन से बाहर निकाल कर बाज का रेस्क्यू किया गया। बचाव के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि पहले से कमजोर पक्षी को अतिरिक्त चोट न पहुंचे।
बाज को बंधन से मुक्त करने के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बताया गया कि पक्षी करीब 12 दिनों से टावर पर फंसा था और लगातार बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। बिना भोजन और पानी के इतने लंबे समय तक फंसे रहने से उसकी हालत और बिगड़ सकती थी। ग्रामीणों की सूचना और दमकल टीम की समय पर कार्रवाई से उसे बचाने में सफलता मिली। आजादी मिलते ही बाज ने अपने पंख फैलाए और खुले आसमान की ओर उड़ गया। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों में खुशी का माहौल बन गया।
Pratapgarh - An eagle that had remained trapped on a 112-foot-high tower for 12 days was successfully rescued by a fire brigade team in Yadavpur village of Pratapgarh district.The bird had got entangled in ropes and wires and had been struggling for nearly two weeks without food… pic.twitter.com/I865EREitF
— NextMinute News (@nextminutenews7) August 13, 2026
बाज का रेस्क्यू पूरा होने के बाद पक्षी को किसी तरह की कैद में रखने की जरूरत नहीं पड़ी। रस्सियों और तारों से मुक्त होते ही उसने उड़ान भरी और खुले आसमान में चला गया। कई दिनों तक टावर पर फंसे पक्षी को सुरक्षित उड़ते देखकर ग्रामीणों ने राहत महसूस की। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि किसी पक्षी के ऊंचाई वाली जगह पर फंसने की जानकारी मिलने पर खुद जोखिम उठाने के बजाय प्रशिक्षित बचाव दल को सूचना देना बेहतर होता है। समय पर मदद मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी।
बाज का रेस्क्यू के इस पूरे अभियान में ग्रामीणों की सतर्कता और दमकल टीम की तत्परता अहम रही। अगर सूचना मिलने में और देरी होती तो लंबे समय से भोजन और पानी के बिना फंसे बाज की हालत गंभीर हो सकती थी। दमकलकर्मी अश्वनी कुमार ने सावधानी से उसे रस्सियों और तारों से बाहर निकाला। सुरक्षित आजादी मिलने के बाद बाज का उड़कर खुले आसमान में लौटना अभियान का सबसे राहत भरा पल रहा। ग्रामीणों ने पक्षी के सुरक्षित बचने पर खुशी जताई और दमकल टीम की कोशिश की सराहना की।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बाज के फंसने और बचाव से जुड़ी परिस्थितियों का विवरण उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली अतिरिक्त जानकारी में बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।