तेजपाल की बेटी कारा ने पिता को फादर फिगर बताए जाने के दावे को खारिज किया। हाई कोर्ट की सजा के बाद मामले में उनका बयान चर्चा में है।
तरुण तेजपाल
पणजी, गोवा। तरुण तेजपाल की बेटी कारा ने अपने पिता से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता को लेकर किए जा रहे उस दावे को पूरी तरह गलत बताया है जिसमें दोनों को बचपन की दोस्त और परिवार का करीबी बताया गया था। कारा ने कहा कि उनके पिता और शिकायतकर्ता के पिता ने 90 के दशक में कुछ समय एक ही कार्यालय में काम किया था लेकिन दोनों परिवार किसी भी स्तर पर करीबी पारिवारिक मित्र नहीं थे। उन्होंने कहा कि वह शिकायतकर्ता के अस्तित्व के बारे में वयस्क होने तक जानती भी नहीं थीं। [1]
कारा ने अपने बयान में कहा कि शिकायतकर्ता उनसे और उनकी बड़ी बहन से उम्र में बड़ी थीं। इसलिए बचपन की दोस्ती या परिवार के करीबी रिश्ते की बात सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता को उनके पिता के फादर फिगर के तौर पर पेश करने वाली बात को मापुसा की सेशंस कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान भी परखा गया था। कारा का कहना है कि इस पूरे दावे को उनके परिवार के वास्तविक अनुभवों के संदर्भ में नहीं देखा जा सकता।
तेजपाल की बेटी का यह बयान उस समय आया है जब उनके पिता से जुड़े मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह बड़ा फैसला सुनाया। हाई कोर्ट ने 2021 में मापुसा सेशंस कोर्ट के बरी करने के फैसले को पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। तेजपाल ने कहा है कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और उनका कहना है कि हाई कोर्ट का आदेश गलत है।
यह मामला 2013 का है। तरुण तेजपाल उस समय तहलका पत्रिका के एडिटर इन चीफ थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि गोवा में पत्रिका के वार्षिक थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान एक लग्जरी होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उनका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद गोवा पुलिस ने नवंबर 2013 में तेजपाल को गिरफ्तार किया था। मामला लंबे समय तक अदालत में चला और 2021 में मापुसा की सेशंस कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं किए जाने की बात कहते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था।
इसके बाद गोवा सरकार ने सेशंस कोर्ट के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ में चुनौती दी। पिछले सप्ताह हाई कोर्ट ने बरी किए जाने का फैसला पलट दिया और तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। तेजपाल की ओर से कहा गया है कि वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। ऐसे में यह मामला अभी पूरी तरह कानूनी रूप से खत्म नहीं हुआ है और आगे की प्रक्रिया शीर्ष अदालत में भी पहुंच सकती है।
तेजपाल की बेटी ने अपने बयान में खास तौर पर उस कथित पारिवारिक रिश्ते को खारिज किया है जिसे मामले की चर्चा में फादर फिगर के तौर पर पेश किया गया। उनका कहना है कि उनके पिता और शिकायतकर्ता के पिता के बीच 90 के दशक में एक ही कार्यालय में काम करने का तथ्य सही है लेकिन उससे करीबी पारिवारिक संबंध साबित नहीं होता। उन्होंने साफ किया कि वह शिकायतकर्ता को वयस्क होने तक जानती नहीं थीं। उनका बयान इसी दावे के संदर्भ में सामने आया है और मामले की बहस में एक अलग पक्ष रखता है।
तेजपाल की बेटी के बयान के बाद अब मामले में पारिवारिक रिश्ते से जुड़ा यह दावा भी चर्चा में है। हालांकि अदालतों में किसी मामले का अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होता है। हाई कोर्ट के हालिया फैसले के बाद तेजपाल को 10 साल की सजा मिली है लेकिन उनके सुप्रीम कोर्ट जाने की बात सामने आ चुकी है। इसलिए इस मामले की आगे की कानूनी स्थिति पर नजर बनी रहेगी और आने वाले चरण में शीर्ष अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। यौन अपराध से जुड़े मामले में आरोप, अदालत के फैसले और पक्षकारों के बयानों को उनके संबंधित संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए तथा अंतिम कानूनी स्थिति सक्षम न्यायालय के आदेशों पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।