सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ। गुरुद्वारे में निहंग ने कृपाण से वार की कोशिश की, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचाया और आरोपी को पकड़ लिया।
बादल पर हमला
नांदेड, महाराष्ट्र। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को माता साहिब गुरुद्वारे में हमला हुआ। घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक निहंग ने कृपाण से बादल के पेट में वार करने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया। बादल के हाथ में चोट लगी और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। [1]
बादल पर हमला उस समय हुआ जब वह परिवार के साथ तख्त श्री हजूर साहिब जाने के बाद गुरुद्वारे पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक हमलावर ने अचानक कृपाण से वार करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। इस दौरान बादल की सुरक्षा में तैनात इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे भी घायल हो गए। घटना के बाद सामने आए वीडियो में बादल के दाहिने हाथ पर केसरिया कपड़ा बंधा दिखाई दिया। पुलिस ने बताया कि उनके हाथ में चोट लगी है और टांके लगाए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि बादल की हालत खतरे से बाहर है और उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में हाथ के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों में चोट लगने की आशंका भी जताई गई है। घटना के वक्त बादल की पत्नी और अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल भी मौजूद थीं। बादल पंजाब से नांदेड पहुंचे थे। पुलिस ने गुरुद्वारे के भीतर हुई घटना की पुष्टि की है। अब जांच में आरोपी के मकसद और हमले की पूरी वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है कि उसने किस वजह से बादल को निशाना बनाया। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई या नहीं, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बादल की चोट जानलेवा नहीं है। इस घटना के बाद गुरुद्वारे में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है और जांच पूरी होने के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
सुखबीर सिंह बादल पर हमला पहले भी हो चुका है। 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के बाहर उनकी हत्या की कोशिश हुई थी। उस समय वह अकाल तख्त की ओर से सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत सेवादार की ड्यूटी कर रहे थे। हमलावर ने गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत काबू कर लिया था। बादल उस घटना में सुरक्षित बच गए थे। अब बादल पर हमला फिर से सुरक्षा व्यवस्था और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। हमले की वजह और आरोपी के मकसद को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है इसलिए किसी भी आशंका या दावे को अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।