चमोली में सुरंग धंसने से 9 मजदूरों की मौत, 18 सुरक्षित निकले। मलबे और पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ का अभियान जारी है।
पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की सुरंग
चमोली, उत्तराखंड। सुरंग धंसने से 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना चमोली जिले के पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की सुरंग में हुई। अंदर मलबा और पानी आने के बाद कई मजदूर फंस गए थे। आईएएनएस की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और उत्तराखंड राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे अभियान की निगरानी शुरू कर दी है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत बचाव दलों को मौके पर भेजा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सुरंग में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने जिला प्रशासन और सभी संबंधित एजेंसियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा है और हालात की जानकारी ले रहे हैं। सुरंग में मलबे और पानी के कारण बचाव दलों को काफी सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है।
सुरक्षित निकाले गए 18 मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर उनसे बातचीत भी की और उनका हाल जाना। उधर बचाव दल सुरंग के भीतर फंसे बाकी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। सुरंग धंसने के बाद मलबा हटाना और पानी को नियंत्रित करना अभियान की बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश है कि राहत कार्य के दौरान कोई अतिरिक्त जोखिम न हो और अंदर मौजूद मजदूरों तक सुरक्षित रास्ता बनाकर जल्द पहुंचा जा सके।
BREAKING : 7 WORKERS KILLED, 19 INJURED AFTER WATER AND DEBRIS FLOOD UNDER-CONSTRUCTION TUNNEL at a hydroelectric project in Uttarakhand’s Chamoli; 3 workers remain missing as rescue operations continue. pic.twitter.com/OTaffQc8U1
— The Truth India (@thetruthin) August 14, 2026
सुरंग धंसने की घटना के बाद मलबा और पानी दोनों ने बचाव कार्य को मुश्किल बनाया है। अचानक सुरंग के भीतर पानी और मलबा आने से मजदूरों के लिए बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। बचाव टीमें उपलब्ध संसाधनों के साथ धीरे धीरे आगे बढ़ रही हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि पहले सुरक्षित रास्ता तैयार किया जाए और फिर फंसे लोगों तक पहुंचा जाए। पहाड़ी इलाके में ऐसे बचाव अभियान में जमीन की स्थिति और सुरंग के भीतर की संरचना को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
इस घटना में झारखंड और छत्तीसगढ़ के मजदूर भी फंसे बताए गए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बात कर उन्हें हालात की जानकारी दी। दोनों राज्यों की सरकारें भी अपने मजदूरों की स्थिति को लेकर संपर्क में हैं। सुरक्षित बाहर निकाले गए मजदूरों से मुख्यमंत्री ने बातचीत की और उनके इलाज की जानकारी ली। सुरंग धंसने के बाद बचाव दलों का पूरा ध्यान अभी अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर केंद्रित है।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: Rescue operation underway after debris and water entered the under-construction tunnel of Tehri Hydro Development Corporation Limited (THDC) at Pipalkoti.
— ANI (@ANI) August 13, 2026
Team commander, NDRF, Amrit Lal Meena, says, "When our team arrived and commenced operations,… pic.twitter.com/WjNTlEoQtE
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार दोपहर घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और बचाव दलों से स्थिति की जानकारी ली। धामी ने कहा कि सरकार हर व्यक्ति को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। मौके पर राहत और बचाव से जुड़ी एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। प्रशासन की कोशिश है कि अभियान को तेजी देने के साथ सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। सुरंग धंसने के बाद स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 18 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि बचाव अभियान जारी रहने के कारण सुरंग के अंदर फंसे लोगों की स्थिति को लेकर प्रशासन की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। घटना के कारणों की पूरी तस्वीर राहत कार्य पूरा होने के बाद सामने आ सकती है। फिलहाल प्राथमिकता मलबे और पानी के बीच फंसे मजदूरों तक पहुंचने की है। सुरंग धंसने की इस घटना ने पहाड़ी इलाकों में बड़े निर्माण कार्यों के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मृतकों और सुरक्षित निकाले गए लोगों की संख्या राहत और बचाव अभियान के दौरान बदल सकती है तथा अंतिम आंकड़े संबंधित प्रशासन की पुष्टि के अधीन होंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।