राजस्थान

रामदेवरा के लिए तैयार हुआ कांच का सिंहासन, श्रद्धालु हैरान

रामदेवरा के लिए 8 फीट ऊंचा कांच का सिंहासन और बाबा रामदेव की प्रतिमा 5 दिन में तैयार हुई। विशेष रथ से इस बार इसे पैदल यात्रा में ले जाया जाएगा।

By अजय त्यागी 1 min read
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आकर्षक प्रतिमा और कांच का सिंहासन

जोधपुर, राजस्थान। बाबा रामदेव के प्रति आस्था का अनोखा रंग इस बार सामने आया है। शहर के सामाजिक और धार्मिक संगठन महादेव ग्रुप ने रामदेवरा के लिए कांच का सिंहासन और बाबा रामदेव की आकर्षक प्रतिमा तैयार कराई है। करीब 8 फीट ऊंचे इस सिंहासन को महाराष्ट्र के कारीगरों ने 5 दिन में नक्काशी के जरिए तैयार किया। संगठन के अनुसार इसे विशेष रथ में रखकर रामदेवरा ले जाया जाएगा। फिलहाल यह स्वरूप पब्लिक पार्क स्थित शिव मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया है। [1]

आस्था का नया रंग

महादेव ग्रुप के नितिन देवड़ा के मुताबिक संगठन 3 साल से रामदेवरा मेले के लिए हर बार कुछ नया करने की कोशिश कर रहा है। शुरुआत कांच के घोड़े से हुई थी। इसके बाद बाबा रामदेव की कांच की मूर्ति तैयार की गई और अब कांच का सिंहासन बनाया गया है। इस बार महाराष्ट्र के कारीगरों ने 5 दिन में सिंहासन और प्रतिमा का काम पूरा किया। संगठन का कहना है कि मकसद श्रद्धालुओं के लिए ऐसा स्वरूप तैयार करना है जिसे वे याद रखें और आस्था से जोड़ सकें।

नितिन देवड़ा ने बताया कि बाबा रामदेव के प्रति लोगों की गहरी आस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार कांच की नक्काशी से नया प्रयोग किया गया। तैयार स्वरूप को श्रद्धालु जीवंत मानकर पूजा कर रहे हैं। तेज गर्मी को देखते हुए प्रतिमा और सिंहासन के पास एयरकंडीशन की व्यवस्था भी की गई है। फिलहाल इसे अमरनाथ महादेव मंदिर के शिवलिंग के पास आमजन के दर्शन के लिए रखा गया है। श्रावण मास में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु इस अनोखी कलाकृति के दर्शन कर रहे हैं।

रथ यात्रा तैयारी

भाद्रपद माह की शुरुआत के साथ मसूरिया मंदिर से पैदल यात्रा रामदेवरा के लिए रवाना होगी। जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर कांच का सिंहासन विशेष रथ में रखकर ले जाने की तैयारी है। रामदेवरा का मेला बाबा रामदेव के प्राकट्य दिवस पर आयोजित होता है और कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले से पहले ही जोधपुर के मसूरिया मंदिर में भी भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है। महादेव ग्रुप की यह पहल इसी आस्था और परंपरा में नया आकर्षण जोड़ती नजर आ रही है।

रामदेवरा का मेला राजस्थान के साथ गुजरात और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है। भाद्रपद शुक्ल द्वितीया बीज पर आयोजित होने वाला यह मेला करीब 9 दिन चलता है, हालांकि श्रद्धालुओं का पहुंचना श्रावण मास के अंतिम दिनों से ही शुरू हो जाता है। जोधपुर के मसूरिया मंदिर का भी इस दौरान विशेष महत्व रहता है। बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ जी की समाधि यहां होने के कारण रामदेवरा जाने वाले कई श्रद्धालु जोधपुर पहुंचकर दर्शन करते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक आयोजनों और परंपराओं से जुड़े विवरण संबंधित आयोजकों तथा उपलब्ध तथ्यों पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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