सावन में 11 हजार पौधों की वृक्ष कांवड़ यात्रा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, 5100 बच्चों ने भाग लिया, 11 पंचायतों में पौधे लगाने का संकल्प लिया।
वृक्ष कांवड़ यात्रा
धौलपुर, राजस्थान। सावन के पावन महीने में पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान से जोड़ने वाली अनूठी पहल सामने आई है। बसई नवाब कस्बे में रविवार को 11 हजार पौधों की वृक्ष कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें 11 पंचायतों के करीब 5100 स्कूली बच्चों ने उत्साह से हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान गार्डन से हुई और सीओ मनोहर मीणा ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा रवाना की। शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि गौरीशंकर सैनी कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे। स्थानीय लोगों ने जगह जगह पुष्पवर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया। [1]
वृक्ष कांवड़ यात्रा में बच्चों की बड़ी भागीदारी ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। बच्चे पौधे लेकर यात्रा में शामिल हुए और लोगों को पेड़ लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल का संदेश दिया। आयोजकों का कहना है कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ना इस पहल का अहम उद्देश्य है। धार्मिक माहौल वाले सावन में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए वृक्ष कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। लोगों से आग्रह किया गया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पेड़ बनने तक संभालना भी जरूरी है।
कार्यक्रम संयोजक अतर सिंह कुशवाह ने बताया कि अपने पुत्र बृजेश कुमार के साथ उन्होंने क्षेत्र को हरा भरा बनाने का संकल्प लिया है। इसी के तहत 11 पंचायतों में 11 हजार पौधे लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पेड़ आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और सुरक्षित पर्यावरण देने की जिम्मेदारी से जुड़े हैं। बड़े भाई और पूर्व प्रधान रामहेत कुशवाह के निर्देशन में अभियान को व्यापक रूप दिया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी भी निभाए। वृक्ष कांवड़ यात्रा इसी सोच का संदेश बनी।
सिरोही के अर्बुदा गौशाला में भी रविवार को पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा को जोड़ते हुए एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कार्यक्रम हुआ। स्वर्गीय दलपतजी राजपुरोहित मण्डवारिया की पुण्य स्मृति में आयोजित समारोह में 25 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा से संचालित अर्बुदा गौशाला और भारत विकास परिषद सिरोही के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। गोविंद बल्लभदासजी महाराज के सानिध्य में अतिथियों ने गौपूजन कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि वृक्ष हैं तो हम हैं।
प्रभारी मंत्री केके विश्नोई ने बताया कि राजस्थान में पेड़ पौधों के संरक्षण के लिए राजस्थान ट्री एक्ट बनाने की दिशा में काम चल रहा है और कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। खेजड़ी सहित 29 पेड़ पौधों के संरक्षण के लिए कानून बनाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। सांसद लुम्बाराम चौधरी और अन्य वक्ताओं ने भी पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य बताया। दोनों आयोजनों का संदेश साफ रहा कि पौधारोपण को केवल औपचारिक अभियान नहीं बल्कि लंबे समय की जिम्मेदारी बनाना होगा। 11 हजार पौधे लगाएंगे का संकल्प इसी सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए समाचार तथ्यों और संबंधित आयोजनों में व्यक्त किए गए बयानों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पौधारोपण के संकल्प और सरकारी योजनाओं से जुड़े आंकड़ों या घोषणाओं की स्थानीय स्तर पर आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों से की जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।