राजस्थान

ओपीडी पंजीकरण के नाम पर ठगी, एम्स ने मरीजों को किया सावधान

ओपीडी पंजीकरण के नाम पर आधार और ओटीपी मांगने वालों से सावधान रहें। एम्स जोधपुर ने केवल अधिकृत काउंटर और आधिकारिक माध्यमों से पंजीकरण की सलाह दी।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

जोधपुर, राजस्थान। एम्स जोधपुर ने मरीजों, उनके परिजनों और आमजन को ओपीडी पंजीकरण के नाम पर अनधिकृत मदद का दावा करने वाले लोगों से सावधान रहने को कहा है। संस्थान के अनुसार कुछ लोग सोशल मीडिया पेज और निजी मोबाइल नंबरों के जरिए अस्पताल के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर ओपीडी पंजीकरण तथा डॉक्टर से परामर्श में सहायता देने की बात कर रहे हैं। इसके बदले आधार कार्ड की प्रति और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी मांगा जा रहा है। [1]

ओटीपी से सावधान

एम्स जोधपुर ने स्पष्ट किया है कि संस्थान ने किसी व्यक्ति, निजी सोशल मीडिया पेज या व्यक्तिगत मोबाइल नंबर को आधार कार्ड, ओटीपी अथवा दूसरी संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए अधिकृत नहीं किया है। ऐसे दावों पर भरोसा करना मरीजों और उनके परिजनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। संस्थान ने कहा है कि खुद को एम्स या उसकी किसी आउटसोर्स एजेंसी से जुड़ा बताने वाले व्यक्ति के मामले में भी पहचान और अधिकार की पुष्टि किए बिना कोई दस्तावेज या जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

ओपीडी पंजीकरण केवल एम्स जोधपुर के अधिकृत पंजीकरण काउंटर, संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप तथा अस्पताल की ओर से अधिसूचित अन्य अधिकृत माध्यमों से ही कराया जाना चाहिए। अस्पताल ने लोगों से कहा है कि सहायता के नाम पर यदि कोई व्यक्ति आधार नंबर, ओटीपी, पहचान दस्तावेज या दूसरी निजी जानकारी मांगता है तो उसे जानकारी देने से पहले सावधानी बरतें। निजी सोशल मीडिया पेजों और व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों के जरिए किए जा रहे ऐसे दावों को संस्थान ने अनधिकृत बताया है।

पंजीकरण सावधानी

एम्स प्रबंधन ने अपील की है कि अस्पताल के नाम पर ओपीडी पंजीकरण में सहायता देने वाले संदिग्ध व्यक्ति या सोशल मीडिया पेज की जानकारी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय को दी जाए। संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनधिकृत लोगों के साथ आधार, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा करने से होने वाली धोखाधड़ी, नुकसान या जानकारी के दुरुपयोग के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा। इसलिए मरीजों को सुविधा के नाम पर मिलने वाले किसी भी अनजान प्रस्ताव की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि करनी चाहिए।

अस्पताल ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि ओपीडी पंजीकरण के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर आधार या ओटीपी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति एम्स के नाम का इस्तेमाल कर पंजीकरण या चिकित्सकीय परामर्श की मुफ्त सहायता का दावा करता है तो उसकी जानकारी संबंधित कार्यालय तक पहुंचाई जा सकती है। संस्थान की चेतावनी का उद्देश्य मरीजों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना और फर्जी सहायता के जरिए होने वाली संभावित ठगी से बचाना है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। एम्स जोधपुर से संबंधित पंजीकरण और सहायता के लिए केवल संस्थान द्वारा अधिकृत माध्यमों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या पेज की आधिकारिक स्तर पर पुष्टि करें। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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