X का नया नियम सरकारी कंटेंट हटाने की मांग को यूजर्स के सामने ज्यादा साफ दिखाएगा, लेकिन प्लेटफॉर्म को देश के कानून का पालन अनिवार्य।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली: X का नया नियम सरकारी एजेंसियों की ओर से कंटेंट हटाने या किसी अकाउंट पर रोक लगाने की मांग को यूजर्स के लिए ज्यादा साफ दिखाने से जुड़ा है। एलन मस्क ने शनिवार को प्लेटफॉर्म पर नए एल्गोरिदम की जानकारी साझा की थी। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के एक अधिकारी ने साफ कहा कि भारत में काम करते हुए X को देश के कानून का पालन करना होगा। नए बदलाव के तहत यूजर्स को सरकारी दखल की जानकारी ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकती है। [1]
मस्क के मुताबिक, X अपनी पारदर्शिता व्यवस्था में बदलाव कर रहा है ताकि सरकार की ओर से लगाए गए किसी कंटेंट प्रतिबंध या हटाने की मांग को साफ तौर पर बताया जा सके। इसका मतलब है कि अगर किसी सरकार की मांग पर कोई पोस्ट या अकाउंट प्रतिबंधित किया जाता है, तो यूजर्स को इसकी जानकारी मिल सकेगी। प्लेटफॉर्म यह भी दिखाने की तैयारी में है कि कार्रवाई की मांग किस सरकारी एजेंसी ने की और उसके पीछे कौन सा कानूनी आधार बताया गया।
इस व्यवस्था का मकसद सरकारी हस्तक्षेप को यूजर्स से छिपाने के बजाय उसके बारे में ज्यादा जानकारी देना है। किसी पोस्ट या अकाउंट पर राज्य की मांग के कारण कार्रवाई होने पर खास संकेत या फ्लैग दिखाई देने की बात कही गई है। इससे यूजर्स को यह समझने में आसानी हो सकती है कि किसी कंटेंट पर रोक प्लेटफॉर्म की अपनी नीति के कारण लगी है या किसी सरकारी अनुरोध के बाद कार्रवाई हुई है। हालांकि सरकारी मांग सार्वजनिक दिखना और उसे मानना अलग अलग प्रक्रियाएं हैं।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया इसी बिंदु पर अहम है। अधिकारी ने कहा है कि X को देश के कानून का पालन करना होगा। यानी प्लेटफॉर्म अपनी पारदर्शिता नीति में सरकारी अनुरोधों को ज्यादा स्पष्ट दिखाए, फिर भी भारत में लागू कानूनी प्रावधानों से अलग काम नहीं कर सकता। इससे X की नई पारदर्शिता व्यवस्था और स्थानीय कानून के बीच तालमेल का सवाल सामने आता है। यूजर्स के लिए सरकारी कार्रवाई की जानकारी बढ़ सकती है, लेकिन इससे किसी कानूनी आदेश के पालन की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक X का नया नियम मुख्य रूप से सरकारी कंटेंट हटाने या प्रतिबंध लगाने की मांग को ज्यादा दिखाई देने वाला बनाने पर केंद्रित है। इसका असर यूजर्स के अनुभव पर इस बात से पड़ेगा कि उन्हें कार्रवाई के साथ कितनी जानकारी दिखाई जाती है। सरकार की तरफ से भी स्पष्ट किया गया है कि प्लेटफॉर्म को भारतीय कानून के दायरे में रहना होगा। ऐसे में X का नया नियम पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश जरूर है, लेकिन इसे भारत में कानून से ऊपर की व्यवस्था नहीं माना जा सकता।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। X की प्रस्तावित पारदर्शिता व्यवस्था और सरकारी कंटेंट संबंधी कार्रवाई अलग अलग कानूनी तथा नीतिगत प्रक्रियाओं के अधीन हो सकती हैं और किसी मामले में अंतिम कार्रवाई संबंधित कानून तथा आदेश पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।