राजस्थान

श्रद्धालुओं की तत्त्वार्थ सूत्र परीक्षा, 108 ने दिखाया ज्ञान का उत्साह

जयपुर में 108 श्रद्धालुओं ने तत्त्वार्थ सूत्र की परीक्षा दी। महिलाओं और पुरुषों की लगभग बराबर भागीदारी रही। मंदिर समिति आगे भी परीक्षा और पुरस्कार आयोजित करेगी।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

108 श्रद्धालुओं ने तत्त्वार्थ सूत्र की परीक्षा दी

जयपुर, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। श्री दिगंबर जैन मंदिर, वरुण पथ, मानसरोवर में चल रही तत्त्वार्थ सूत्र एवं भक्तामर की नियमित कक्षाओं के तहत अध्याय की परीक्षा आयोजित की गई। परम पूज्य गणिनी आर्यिका 105 श्री विभा श्री माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में हुई इस परीक्षा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। प्रचार संयोजक जिनेश कुमार जैन के अनुसार, 108 श्रद्धालुओं ने परीक्षा में हिस्सा लिया और शांत माहौल में पूरी गंभीरता के साथ अपने अध्ययन का मूल्यांकन किया।

ज्ञान में दिखा उत्साह

परीक्षा हॉल में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी लगभग बराबर रही। श्रद्धालुओं ने पूरी एकाग्रता के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए और धार्मिक अध्ययन के प्रति अपनी रुचि दिखाई। आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक, इस तरह की परीक्षा केवल जानकारी परखने का माध्यम नहीं है, बल्कि नियमित अध्ययन की आदत को मजबूत करने का भी प्रयास है। तत्त्वार्थ सूत्र की कक्षाओं में लगातार बढ़ रही भागीदारी से साफ है कि समाज के अलग अलग वर्गों में धर्म और आध्यात्मिक विषयों को समझने की रुचि बनी हुई है।

मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष जे. के. जैन और मंत्री ज्ञान बिलाला ने बताया कि तत्त्वार्थ सूत्र के अलग अलग अध्याय पूरे होने के बाद समय समय पर ऐसी परीक्षाएं आयोजित की जाती रहेंगी। परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को मंदिर समिति की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को नियमित अध्ययन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और धार्मिक शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय लगातार आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलेगा।

सम्मान से बढ़ेगा हौसला

मंदिर समिति के उपाध्यक्ष लोकेश सोगानी और कोषाध्यक्ष हेमेंद्र सेठी ने बताया कि नियमित रूप से अध्ययन करने वाले प्रतिभागियों का भी उत्साह बढ़ाया जाएगा। अंतिम समापन और पुरस्कार समारोह में सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार और सम्मान देने की योजना है। उनका कहना है कि तत्त्वार्थ सूत्र का अध्ययन करने वाले हर व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वालों के साथ नियमित रूप से जुड़कर सीखने वाले श्रद्धालुओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

संगठन मंत्री सुनील गंगवाल और उप संगठन मंत्री राजेंद्र सोनी ने कहा कि ज्ञानार्जन के इस अभियान में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों की भागीदारी लगातार उत्साहजनक बनी हुई है। उनके अनुसार, तत्त्वार्थ सूत्र का अध्ययन केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि धर्म, संस्कार, संयम और आत्मजागरण को जीवन में उतारने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस ज्ञानयज्ञ से जोड़ने का प्रयास आगे भी जारी रखा जाएगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक आयोजन और प्रतिभागियों से संबंधित विवरण आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

#Jaipur #JainCommunity #TattvarthSutra #Jainism #ReligiousEducation #Manasarovar
Read Full Article on RexTV India