राजस्थान

हिंदुस्तान जिंक में रिन्यूएबल एनर्जी का हिस्सा 22% हुआ, अब लक्ष्य 70%

वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी 22 प्रतिशत की, 2028 तक 70 प्रतिशत का लक्ष्य, स्वच्छ ऊर्जा पर बढ़ा जोर।

By अजय त्यागी 1 min read
Twitter Facebook WhatsApp

प्रतीकात्मक फोटो

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपनी कुल बिजली खपत में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाकर 22 प्रतिशत कर ली है। वित्त वर्ष 2026 में यह हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत थी। कंपनी अब वित्त वर्ष 2028 तक अपनी कुल बिजली जरूरत का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा अक्षय स्रोतों से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राजस्थान और उत्तराखंड स्थित इकाइयों में स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ कंपनी ने ऊर्जा दक्षता और नए तकनीकी समाधानों पर भी जोर दिया है।

स्वच्छ ऊर्जा पर जोर

हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2026 में 892 मिलियन यूनिट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन किया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 632 मिलियन यूनिट था। ग्रीन एनर्जी उत्पादन और अक्षय बिजली की खरीद बढ़ने से कंपनी के कुल ऊर्जा मिश्रण में स्वच्छ स्रोतों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। 70 प्रतिशत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने सेरेंटिका रिन्यूएबल्स के साथ राउंड द क्लॉक अक्षय ऊर्जा आपूर्ति समझौते को 450 मेगावाट से बढ़ाकर 530 मेगावाट कर दिया है।

कंपनी राज्य ट्रांसमिशन नेटवर्क से केंद्रीय ट्रांसमिशन नेटवर्क की ओर कनेक्टिविटी अपग्रेड कर रही है। साथ ही ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, वेस्ट हीट रिकवरी बॉयलर की क्षमता सुधारने और जलाशयों पर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं। कंपनी का स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण समाधानों का मिश्रण है। इससे खनन और धातु उत्पादन से जुड़े परिचालन को चौबीसों घंटे भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

तकनीक से घटेगा उत्सर्जन

हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि धातु और खनन उद्योग के अगले चरण में पर्यावरणीय प्रभाव घटाते हुए उत्पादन बढ़ाना जरूरी होगा। उनके मुताबिक स्वच्छ ऊर्जा केवल कार्बन उत्सर्जन कम करने का साधन नहीं है, बल्कि मजबूत और जिम्मेदार कारोबार की नींव भी है। कंपनी ने राजस्थान के देबारी स्थित जिंक स्मेल्टर में भारत की पहली 250 टन क्षमता वाली इलेक्ट्रिक क्रेन तैनात की है। इसके अलावा स्वच्छ परिवहन और नई ऊर्जा तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

कंपनी ने एडवेंटेक एसोसिएट्स एलएलपी और एयरो ईगल ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। इसके तहत भूमिगत खनन, भारी मशीनरी, वाहनों और अन्य परिचालन उपकरणों में ग्रीन हाइड्रोजन तथा वैकल्पिक स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। ये पहल कंपनी की व्यापक सस्टेनेबिलिटी रणनीति का हिस्सा हैं। हिंदुस्तान जिंक का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ परिचालन की कार्बन तीव्रता घटाना है और इसी दिशा में स्वच्छ ऊर्जा को अपनी भविष्य की रणनीति के केंद्र में रखा गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कंपनी की ऊर्जा हिस्सेदारी, उत्पादन आंकड़ों और भविष्य के लक्ष्यों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराए गए कंपनी विवरण पर आधारित है और भविष्य के परिणाम परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

#HindustanZinc #RenewableEnergy #CleanEnergy #Vedanta #Sustainability #Rajasthan #GreenEnergy
Read Full Article on RexTV India