सैन्य अभ्यास घटा है और अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया ने इसे 11 दिन से घटाकर 5 दिन कर दिया है। 17 अगस्त से शुरू अभ्यास अब 21 अगस्त तक चलेगा, दूसरा चरण रद्द।
वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास
सियोल, दक्षिण कोरिया। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास की अवधि 11 दिन से घटाकर 5 दिन करने का फैसला किया है। इस बार सैन्य अभ्यास घटा है और यह बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद हुआ है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, उल्ची फ्रीडम शील्ड अभ्यास अब 17 अगस्त से 21 अगस्त तक चलेगा, जबकि पहले इसे 27 अगस्त तक चलना था। दोनों देशों ने कुछ मैदानी प्रशिक्षण भी सीमित करने पर सहमति जताई है। दूसरा चरण भी रद्द किया जा रहा है। [1]
दक्षिण कोरिया के संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ और अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बदलाव की पुष्टि की है। दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री आन ग्यू बाक ने कहा है कि सहयोगी देश अभ्यास के दूसरे चरण को रद्द करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। यह चरण शुरुआती रक्षात्मक कार्रवाई के बाद जवाबी कार्रवाई से जुड़ा था। अमेरिका के सुझाव पर अभ्यास की अवधि और दायरे में बदलाव किया गया है। कुछ संयुक्त मैदानी गतिविधियां भी कम होंगी। कई वास्तविक प्रशिक्षण गतिविधियों को रद्द करने या उनका अभ्यास सिमुलेशन के जरिए करने की तैयारी है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा कि बदलावों के बावजूद सैन्य तैयारियों और प्रशिक्षण के जरूरी उद्देश्यों को बनाए रखा जाएगा। अमेरिका का कहना है कि उसके प्रशिक्षण लक्ष्यों में कोई कमी नहीं आएगी। ट्रंप ने रविवार को अमेरिकी भागीदारी को काफी घटाने का आदेश दिया था। उन्होंने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का भी हवाला दिया था। इस फैसले के पीछे दक्षिण कोरिया से अमेरिकी निवेश को लेकर दबाव बढ़ाना, ईरान से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान देना और प्योंगयांग के साथ बातचीत फिर शुरू करने की कोशिश जैसे कारण देखे जा रहे हैं।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब चीन के विदेश मंत्री वांग यी 19 और 20 अगस्त को दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं। उनकी बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा और कोरियाई प्रायद्वीप के हालात प्रमुख मुद्दे रहने की उम्मीद है। ट्रंप के आदेश से पहले दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास सामान्य रूप से 11 दिन का था। अब इसे केवल 5 दिन में पूरा किया जाएगा। दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने अभ्यास में बदलाव से पहले अमेरिकी फैसले की जानकारी होने से इनकार किया है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल और नीति समन्वय को लेकर सवाल भी उठे हैं।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह अभ्यास रक्षात्मक तैयारी और सैन्य क्षमता बनाए रखने के लिए होता है। उत्तर कोरिया लंबे समय से ऐसे संयुक्त अभ्यासों को अपने खिलाफ सैन्य दबाव के रूप में देखता रहा है। ट्रंप का मौजूदा रुख हालांकि पहले के उनके दृष्टिकोण की याद दिलाता है, जब उन्होंने किम जोंग उन के साथ बातचीत के दौर में संयुक्त अभ्यासों पर रोक और बदलाव किए थे। अब सैन्य अभ्यास घटा है और इसके साथ प्योंगयांग के साथ संभावित बातचीत की दिशा पर भी नजर बनी हुई है। क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर आगे साफ हो सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सैन्य अभ्यास और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रम तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ताजा आधिकारिक जानकारी देखना उचित होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।