दिल्ली

केजरीवाल का आरोप, शाह के फोन से हुई सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाया। भाजपा ने पलटवार किया, अब फोन कॉल के दावे पर सियासत और तेज है।

By अजय त्यागी 1 min read
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सत्येंद्र जैन अदालत में पेश

नई दिल्ली, दिल्ली। सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की सियासत में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाया है। केजरीवाल ने दावा किया कि एसीबी के एक अधिकारी ने बताया था कि सुबह तक जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन दोपहर में अमित शाह का फोन आने के बाद गिरफ्तारी का फैसला हुआ। केजरीवाल ने इसी दावे के आधार पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। [1]

दावे पर घमासान

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखे अपने पोस्ट में दावा किया कि एसीबी के एक अधिकारी के मुताबिक सुबह तक सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं थी। उनके अनुसार, दोपहर में अमित शाह का सीधे फोन आया और जैन को गिरफ्तार करने के लिए कहा गया। इसके बाद गिरफ्तारी की गई। केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि अगर किसी अधिकारी का दावा सही है तो गिरफ्तारी का आधार क्या था। हालांकि, अमित शाह की ओर से फोन करने या ऐसा निर्देश देने की स्वतंत्र पुष्टि इन तथ्यों में नहीं है।

केजरीवाल का आरोप है कि अब गिरफ्तारी इस आधार पर नहीं हो रही कि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है या नहीं, बल्कि इस आधार पर हो रही है कि सरकार किसे गिरफ्तार करना चाहती है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक कार्रवाई से जोड़ते हुए केंद्र पर निशाना साधा। दूसरी ओर, जैन ने अदालत में भी अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया और कहा कि वह जांच में सहयोग करते रहे हैं। इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कथित फोन कॉल का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या स्वतंत्र प्रमाण सामने आता है या नहीं।

चुनाव से जोड़ा मामला

आम आदमी पार्टी ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले जैन की गिरफ्तारी का मकसद राजनीतिक असर पैदा करना हो सकता है। जैन इस समय पंजाब के चुनावी संगठन से जुड़े रहे हैं, इसलिए आप ने गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और चुनावी राजनीति के बीच संबंध की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मनीष सिसोदिया ने भी जैन की गिरफ्तारी को चुनाव से पहले भाजपा की कथित बौखलाहट बताया है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पहले दिल्ली चुनाव के दौरान भी आप नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के जरिए चुनाव प्रभावित करने की कोशिश हुई थी और अब पंजाब में वही रणनीति अपनाई जा रही है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। आप नेताओं के इन आरोपों का अंतिम मूल्यांकन राजनीतिक बयानों के बजाय उपलब्ध दस्तावेज और जांच की प्रगति से होगा।

भाजपा का जवाब 

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर आप के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सत्ता बदल सकती है, लेकिन फाइलें नहीं बदलतीं और आखिरकार जवाबदेही तय होती है। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर में कथित अनियमितताओं को गंभीर मामला बताया। भाजपा की ओर से यह रुख सामने आया है कि कार्रवाई को राजनीतिक बदले के बजाय जांच और कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जाना चाहिए। ऐसे में केजरीवाल का आरोप और भाजपा का जवाब अब इस विवाद के दो प्रमुख राजनीतिक पक्ष बन गए हैं।

जांच एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर में कथित अनियमितताओं और रिश्वत के लेनदेन की जांच चल रही है। एसीबी ने सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि निजी पक्ष और सरकारी अधिकारियों के बीच संपर्क के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं और टेंडर की कुछ शर्तों में कथित तौर पर हेरफेर किया गया। जैन की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया और जांच के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं।

एन हरिहरन का दावा

सत्येंद्र जैन ने अदालत में कहा कि उन्हें पहले जांच के लिए बुलाया गया और फिर गिरफ्तार कर लिया गया। उनके वकील एन हरिहरन ने दावा किया कि जैन को कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया और केवल फोन कॉल के जरिए बुलाया गया था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि मामला 2024 में दर्ज होने के बाद 2026 में गिरफ्तारी क्यों की गई। एसीबी ने जैन के लिए न्यायिक हिरासत की मांग की है। अब अदालत में आरोपों, गिरफ्तारी की प्रक्रिया और जांच एजेंसी के दावों पर आगे सुनवाई होगी।

राजनीतिक विवाद से आगे अब इस मामले की कानूनी दिशा महत्वपूर्ण होगी। जांच एजेंसी ने टेंडर में कथित हेराफेरी, रिश्वत और पैसों के लेनदेन से जुड़े कई दावे किए हैं, जबकि जैन की ओर से गिरफ्तारी को चुनौती दी जा रही है। वहीं, केजरीवाल का आरोप अमित शाह के कथित फोन कॉल पर केंद्रित है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आने पर ही इस दावे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामला अदालत, जांच एजेंसी और दोनों प्रमुख राजनीतिक पक्षों के बयानों के बीच आगे बढ़ रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अमित शाह के कथित फोन कॉल से संबंधित बात अरविंद केजरीवाल के सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोप के आधार पर प्रस्तुत की गई है और इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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