अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से पुराने मार्ग पर 50 से अधिक पक्के निर्माण हटाए गए। अब यहां फूलों की बाड़ी विकसित करने की तैयारी है।
अतिक्रमण पर चली जेसीबी
बूंदी, राजस्थान। शहर के पुराने बाईपास पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बुधवार को बड़ा अभियान शुरू किया। बाईपास तिराहे से चुंगी नाके तक सड़क सीमा में बने 50 से अधिक पक्के निर्माणों पर जेसीबी चलाई गई। कार्रवाई के दौरान वाहनों की आवाजाही रोककर पुलिस की मौजूदगी में एक एक निर्माण हटाया गया। एसडीएम लक्ष्मीनारायण मीणा और नगर परिषद आयुक्त बृजेश रॉय की अगुवाई में हुई कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई। कई लोगों ने अधिकारियों से कार्रवाई रोकने की मांग भी की। [1]
प्रशासन ने पुराने बाईपास का सर्वे कर सड़क सीमा में अतिक्रमण करने वाले 63 लोगों को नोटिस जारी किए थे। इनसे वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया था, लेकिन केवल 19 लोगों ने नोटिस का जवाब दिया। दस्तावेजों और मौके की स्थिति की जांच के बाद अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। कुछ लोगों ने खुद निर्माण हटाने के लिए समय मांगा है। प्रशासन ने ऐसे लोगों को 1 दिन की मोहलत दी है। इसके बाद कार्रवाई खुद प्रशासन करेगा।
एसडीएम लक्ष्मीनारायण मीणा ने साफ किया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और सड़क सीमा का उल्लंघन करने वाले निर्माणों को नहीं छोड़ा जाएगा। कार्रवाई के दौरान कई पक्के ढांचे ढहाए गए और मौके पर मलबे के ढेर दिखाई दिए। प्रशासन का कहना है कि सड़क सीमा में बने निर्माणों से यातायात और व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। नगर परिषद आयुक्त बृजेश रॉय के अनुसार शहर में विकास और सौंदर्यीकरण का प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके तहत स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
पुराना बाईपास बूंदी का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के साथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रशासन अब कार्रवाई के बाद इस मार्ग की तस्वीर बदलने की तैयारी में है। एसडीएम के मुताबिक जयपुर की ओर से शहर में प्रवेश करने वाले रास्ते के दोनों तरफ फूलों की बाड़ी विकसित करने की योजना है। इससे सड़क का सौंदर्य बढ़ाने के साथ पर्यटकों को बेहतर माहौल देने की कोशिश होगी। अतिक्रमण हटने के बाद सड़क क्षेत्र को व्यवस्थित स्वरूप देने और यातायात सुधारने की उम्मीद जताई जा रही है।
नगर परिषद के अनुसार इससे पहले छतरपुर और बहादुर सिंह सर्किल क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हो चुकी है। पुराने बाईपास पर यातायात का दबाव रहता है और सड़क सीमा में बने अवैध स्ट्रक्चर से मार्ग का स्वरूप प्रभावित हो रहा था। प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों को स्वयं निर्माण हटाने का अवसर दिया गया है, उनके लिए समय सीमा तय है। निर्धारित अवधि में निर्माण नहीं हटाने पर प्रशासनिक अमला कार्रवाई करेगा। अतिक्रमण हटाने के बाद इस मार्ग को पर्यटन और शहर के प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अतिक्रमण से संबंधित कार्रवाई और वैधता का अंतिम निर्धारण संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया और दस्तावेजों के आधार पर होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।