बाज़ार और निवेश

भारतीय शेयर बाजार में फिर बढ़ा भरोसा, IT और वित्तीय शेयरों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी लौटी। IT और वित्तीय शेयर चढ़े, अमेरिकी ट्रेजरी के कदम से बॉन्ड बाजार का दबाव घटा, निवेशकों का भरोसा बढ़ा।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार की शुरुआत तेजी के साथ की और लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद निवेशकों को राहत मिली। सुबह 9:39 बजे निफ्टी 50 0.50 प्रतिशत चढ़कर 24,197.48 पर पहुंचा, जबकि सेंसेक्स 0.66 प्रतिशत बढ़कर 77,431.57 पर रहा। भारतीय शेयर बाजार में यह सुधार IT और वित्तीय शेयरों की अगुवाई में आया। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बाजार को संभालने वाले कदम से वैश्विक निवेश धारणा सुधरी और एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिली। [1]

बॉन्ड बाजार से राहत

पिछले 7 कारोबारी सत्रों में निफ्टी 50 लगातार गिरा था और इस दौरान करीब 2.1 प्रतिशत टूट गया था। यह 11 महीनों में उसकी सबसे लंबी गिरावट की लकीर रही। ऊंची तेल कीमतों और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने जोखिम वाली संपत्तियों के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी घटाई थी। अब अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि वाले कर्ज की बायबैक मात्रा दोगुनी करने का फैसला किया है। इस कदम का मकसद बढ़ती यील्ड पर दबाव कम करना है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में जोखिम लेने की क्षमता लौटने की उम्मीद बढ़ी है।

अमेरिकी ट्रेजरी के फैसले के बाद डॉलर कमजोर हुआ और शेयरों को सहारा मिला। इससे एशिया के प्रमुख बाजारों में भी तेजी आई, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछली रात बढ़त के साथ बंद हुआ। चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी शोध विश्लेषक हितेश टेलर ने कहा कि बाजार की निकट अवधि की धारणा अब सावधानी के साथ सकारात्मक हुई है। उनके मुताबिक बॉन्ड बाजार का तनाव घटने से जोखिम लेने की क्षमता सुधर सकती है। इसका फायदा भारतीय शेयर बाजार को हाल की गिरावट के बाद संभलने में मिल सकता है।

गुरुवार को 16 प्रमुख सेक्टरों में से 13 में बढ़त दर्ज की गई। IT इंडेक्स 1.4 प्रतिशत चढ़ा और उसकी 2 सत्रों की बढ़त करीब 2 प्रतिशत हो गई। इससे पहले IT शेयरों में 3 सत्रों के दौरान लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वित्तीय इंडेक्स भी 0.7 प्रतिशत मजबूत हुआ। इसके अलावा छोटे शेयरों का इंडेक्स 0.8 प्रतिशत और मिडकैप इंडेक्स 0.5 प्रतिशत ऊपर रहा। इस व्यापक खरीदारी ने भारतीय शेयर बाजार में सुधार की तस्वीर को और मजबूत किया और निवेशकों की नजर फिर से जोखिम वाली संपत्तियों पर लौटी।

सोने से सहारा

सोने की कीमतें 2 महीनों से ज्यादा के ऊंचे स्तर पर पहुंचीं तो गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दिखी। मणप्पुरम फाइनेंस 2.9 प्रतिशत और मुथूट फाइनेंस 3.9 प्रतिशत चढ़े। सोने की बढ़ती कीमतें इन कंपनियों के पास गिरवी रखे सोने के मूल्य को बढ़ाती हैं। इससे बड़े कर्ज वितरण की गुंजाइश बनती है और क्रेडिट जोखिम भी घट सकता है। कमजोर डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी ने सोने को सहारा दिया, जिसका असर इन वित्तीय शेयरों पर साफ दिखाई दिया।

इसके अलावा टर्टलमिंट फिनटेक का शेयर 3.4 प्रतिशत उछला। जेफरीज ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए खरीद की रेटिंग दी और अगले 12 महीनों में 37 प्रतिशत तेजी की संभावना जताई। ब्रोकरेज ने इसे भारत में बीमा पहुंच बढ़ने की कहानी से जुड़ा ग्रोथ प्ले बताया है। ऐसे संकेत बताते हैं कि निवेशक चुनिंदा कंपनियों में नए मौके तलाश रहे हैं। हालांकि हाल की लगातार गिरावट के बाद बाजार में सावधानी बनी हुई है। भारतीय शेयर बाजार की अगली दिशा अब वैश्विक बॉन्ड यील्ड, तेल कीमतों और विदेशी संकेतों पर निर्भर रहेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और किसी भी शेयर या बाजार की दिशा को लेकर दी गई जानकारी को निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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