राष्ट्रीय पदक विजेता पहलवान अमित श्योराण अफीम तस्करी केस में गिरफ्तार हुआ। पुलिस को झारखंड से दिल्ली तक नेटवर्क के अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। जांच जारी।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
रांची, झारखंड। राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीत चुका 31 साल का पहलवान अमित श्योराण अब अफीम तस्करी के एक मामले में पुलिस के शिकंजे में है। दिल्ली क्राइम ब्रांच और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे दिल्ली में मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक वह दिसंबर 2023 से फरार था और उसके खिलाफ रांची के धुर्वा टुपुदाना थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। जांच में उस पर झारखंड से अफीम लेकर दिल्ली और हरियाणा तक पहुंचाने का आरोप सामने आया। [1]
पुलिस के अनुसार श्योराण मूल रूप से हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है। उसने 2013 में नेशनल कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद वह कुश्ती और अखाड़ों से जुड़े लोगों के संपर्क में रहा और क्लबों में बाउंसर का काम भी किया। रांची पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उसकी मुलाकात अफीम का सेवन करने वाले लोगों से हुई और वह कथित तौर पर नशे के कारोबार में उतर गया। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और कथित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
अप्रैल 2023 में झारखंड पुलिस ने राजेश नाग नाम के तस्कर को करीब 492 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था। पूछताछ में नाग ने कथित तौर पर श्योराण का नाम लिया और उसे अफीम लेने वालों में प्रमुख बताया। इसके बाद पुलिस ने श्योराण के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान उसके झारखंड में सक्रिय एक अफीम तस्कर से संपर्क की बात भी सामने आई। पुलिस का कहना है कि इसी कड़ी ने दिल्ली तक फैले अफीम तस्करी नेटवर्क का सुराग दिया और जांच बढ़ी।
श्योराण लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। रांची पुलिस के मुताबिक दिसंबर 2023 में अदालत ने उसे घोषित अपराधी घोषित किया। बाद में दिल्ली क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि वह राजधानी में छिपा हुआ है। झारखंड पुलिस की मदद से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और संयुक्त टीम ने मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास उसे दबोच लिया। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ कुल 6 आपराधिक मामले बताए गए हैं, जिनमें हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
अब जांचकर्ताओं की नजर उसके कथित नेटवर्क और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड पर है। पुलिस श्योराण को रांची लाकर पूछताछ के लिए रिमांड मांग सकती है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि झारखंड से अफीम कहां से मिलती थी, उसे दिल्ली और हरियाणा तक कौन पहुंचाता था और अखाड़ों से जुड़े किन लोगों तक कथित तौर पर इसकी सप्लाई होती थी। अफीम तस्करी मामले में आगे की कार्रवाई जांच और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी। पुलिस का अगला फोकस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर रहेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इसमें बताए गए आपराधिक आरोप पुलिस के दावों और दर्ज मामले पर आधारित हैं और किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा ही किया जा सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।