रमेश इंग्लिश स्कूल में भाषण प्रतियोगिता में प्रियंका चंदेलिया प्रथम रहीं। सद्भावना, साहित्य, स्वच्छता और योग पर विद्यार्थियों को अहम सीख मिली।
रमेश इंग्लिश स्कूल में भाषण प्रतियोगिता
बीकानेर, राजस्थान। अंत्योदय नगर स्थित रमेश इंग्लिश स्कूल में गुरुवार को हिंदी भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने सद्भावना से देश कैसे आगे बढ़ सकता है विषय पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में प्रियंका चंदेलिया ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि सिया कस्वां दूसरे और दीक्षिता रंगा तीसरे स्थान पर रहीं। तेजस मारू, वनिता स्वामी और खुशी सारस्वत को सांत्वना पुरस्कार मिला। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अलग अलग उदाहरणों और तथ्यों के जरिए अपनी बात प्रभावी ढंग से सामने रखी।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सद्भावना को देश की तरक्की से जोड़ते हुए कई जरूरी पहलुओं पर बात की। भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने आसपास के अनुभवों और अलग अलग उदाहरणों के जरिए बताया कि आपसी सम्मान, सहयोग और सकारात्मक सोच समाज को मजबूत बना सकती है। वक्ताओं ने यह भी समझाने की कोशिश की कि देश की प्रगति केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार और एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारी से भी जुड़ी है। प्रस्तुतियों में आत्मविश्वास और तैयारी साफ नजर आई।
कार्यक्रम की अतिथि और निर्णायक साहित्यकार मनीषा आर्य सोनी ने कहा कि आदर्शों की बात करने वालों को उन्हें अपने जीवन में भी उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि सद्भाव केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई देना जरूरी है। साहित्यकार मोनिका गौड़ ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की किताबों के साथ साहित्य पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने रोज कुछ न कुछ लिखने की आदत डालने की सीख दी और कहा कि इससे बच्चों की सोच को बेहतर दिशा मिल सकती है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेश बिश्नोई ने विद्यार्थियों से स्वच्छता अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जब अच्छा देखेंगे, तो अच्छा ही मिलेगा। उन्होंने बच्चों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। स्कूल प्राचार्य सेनुका हर्ष ने कहा कि विद्यार्थियों को हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि स्कूल में हर साल ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को निखारने और बच्चों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर देने के लिए किए जाते हैं।
हिंदी भाषण प्रतियोगिता के आयोजन से विद्यार्थियों को अपनी बात रखने और विचारों को व्यवस्थित तरीके से सामने रखने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संयोजन हिंदी व्याख्याता सविता जोशी ने किया। प्रतियोगिता में मिले पुरस्कारों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया, जबकि निर्णायकों की सीख ने बच्चों को पढ़ाई के साथ साहित्य, लेखन, स्वच्छता और योग जैसी गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया। आयोजन में सद्भावना को व्यवहार में उतारने पर जोर रहा और बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने स्कूल के शैक्षणिक माहौल में सकारात्मक पहलू जोड़ा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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