शेयर बाजार में तेजी से निवेशकों को राहत, Sensex 163 अंक चढ़ा, Nifty मजबूत खुला, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बाजार पर दबाव का खतरा बना रहा।
प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई, महाराष्ट्र। शेयर बाजार में तेजी के साथ भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ खुले। Sensex 163.35 अंक चढ़कर 77,701.07 पर और Nifty 52.20 अंक ऊपर 24,284.05 पर खुला। Realty, Metal और Pharma शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि ऊंचे कच्चे तेल के दाम और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी बाजार के लिए चिंता बनी हुई है। ऐसे माहौल में शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशकों की नजर आगे की दिशा पर बनी रहेगी। [1]
शुरुआती कारोबार में Nifty Realty सबसे ज्यादा मजबूत रहा और 0.7 फीसदी ऊपर रहा। इसके बाद Nifty Metal में 0.48 फीसदी और Nifty Pharma में 0.32 फीसदी की बढ़त दिखी। Nifty MidSmall Healthcare और Nifty REITS & Realty भी हरे निशान में रहे और क्रमशः 0.32 फीसदी और 0.28 फीसदी चढ़े। दूसरी तरफ Nifty IT सबसे कमजोर सेक्टर रहा और 0.6 फीसदी नीचे आया। MidSmall IT & Telecom में 0.17 फीसदी और Nifty Auto में 0.19 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब पिछले कारोबारी सत्र में भी मजबूती देखने को मिली थी। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यह रिकवरी ज्यादा देर तक टिकेगी या नहीं, इस पर कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का असर अहम रहेगा। Brent crude करीब 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है। ऐसे में बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव बन सकता है। इसके बावजूद संस्थागत खरीदारी और बेहतर होते कारोबारी फंडामेंटल्स की वजह से व्यापक बाजार में मजबूती बने रहने की उम्मीद जताई गई है।
विश्लेषकों के मुताबिक NBFC शेयरों की स्थिति मजबूत बनी हुई है। Digital platforms, Pharma और CDMO शेयरों में भी ऊंची वैल्यूएशन के बावजूद खरीदारी का रुझान बना हुआ है। तकनीकी संकेतों की बात करें तो Nifty ने लगातार 7 सत्रों की गिरावट के बाद Bullish Doji बनाया है, जो बिकवाली के दबाव में कमी का संकेत माना जा रहा है। अगर इंडेक्स 24,060 से 24,000 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिकता है तो 24,317 से 24,380 और उसके बाद 24,400 से 24,545 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बताई गई है।
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को ज्यादातर प्रमुख इंडेक्स कमजोरी में कारोबार करते दिखे। इसकी वजह पिछले सत्र में Wall Street की कमजोरी और लंबी अवधि की अमेरिकी Treasury yields में बढ़ोतरी रही। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी बनी रही। Brent crude 93.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। अमेरिकी Treasury Secretary Scott Bessent की ओर से Iran पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के संकेतों ने संभावित सप्लाई बाधित होने की चिंता बढ़ाई है। ऐसे माहौल में शेयर बाजार में तेजी के बावजूद कच्चा तेल आगे भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकता है।
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