बिना लाइसेंस दवाएं मिलने पर जयपुर में बड़ी कार्रवाई हुई। 1.40 लाख की संदिग्ध औषधियां जब्त हुईं, दस्तावेजों में विसंगतियां मिलीं और नमूने जांच को भेजे।
प्रतीकात्मक फोटो
जयपुर, राजस्थान। बिना लाइसेंस दवाएं मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने चित्रकूट स्थित एक गोदाम पर कार्रवाई की है। टीम ने करीब 1.40 लाख रुपए मूल्य की संदिग्ध औषधियां जब्त की हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में दवाओं के भंडारण और विक्रय की गतिविधियां मिलीं, लेकिन मौके पर वैध औषधि विक्रय लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका। टीम ने विभिन्न फर्मों के नाम से जारी बिक्री बिल, इनवॉइस, रसीद बुक और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए। शुरुआती जांच में रिकॉर्ड से जुड़ी कई विसंगतियां सामने आई हैं। [1]
विभाग के अनुसार दस्तावेजों की जांच में अलग अलग फर्मों के नाम और औषधि कारोबार से जुड़े अभिलेखों में कई विसंगतियां सामने आईं। जांच में परिसर के भीतर दवाओं का भंडारण और विक्रय पाया गया, जबकि वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया जा सका। अधिकारियों के मुताबिक पहले यहां से झोटवाड़ा स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के लिए गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। सितंबर 2024 से गुरुग्राम स्थित एक कंपनी के माध्यम से काम किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल जारी है।
कार्रवाई के दौरान GARON-100 Tablet भी बरामद की गई, जिसमें Phenobarbitone घटक शामिल है। इसके संबंध में उपलब्ध बिल और दूसरे दस्तावेजों की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक जांच में बिना वैध लाइसेंस और योग्य व्यक्ति के हस्ताक्षर के औषधियों के विक्रय तथा परिसर में अनधिकृत भंडारण की स्थिति मिली है। हालांकि अभी किसी दवा को नकली या अमानक घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार दवाओं की गुणवत्ता और मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं पर अंतिम स्थिति जांच तथा प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
औषधियों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच के लिए टीम ने Gabanyl-300, Telmevas-H और Trueclam 625 के नमूने लिए हैं। इन सभी नमूनों को नियमानुसार सील कर औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला जांच के बाद इन दवाओं की गुणवत्ता और तय मानकों के अनुरूप होने की स्थिति सामने आएगी। विभाग ने जब्त बिना लाइसेंस दवाएं और बरामद दस्तावेजों की विस्तृत जांच भी शुरू की है। कार्रवाई के दौरान सामने आए रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में दवाओं के अवैध कारोबार और बिना वैध लाइसेंस औषधियों के भंडारण तथा विक्रय के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। विभागीय कार्रवाई में जब्त की गई औषधियों और दस्तावेजों की जांच आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल बिना लाइसेंस दवाएं रखने से जुड़े मामले में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। दवाओं की गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जब्त औषधियों की गुणवत्ता और सामने आई अनियमितताओं की अंतिम स्थिति विभागीय जांच तथा प्रयोगशाला परीक्षण के परिणामों पर निर्भर करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।