राज्य सरकार द्वारा 110 करोड़ की टी शर्ट खरीद पर 3 साल बाद फिर सवाल उठे हैं। विधायक की शिकायत पर जांच के आदेश, एसीबी तक जाएगा मामला।
प्रतीकात्मक फोटो
जयपुर, राजस्थान। 110 करोड़ की टी शर्ट खरीद का मामला 3 साल बाद फिर गरमा गया है। विधायक मनोज न्यांगली ने खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को पत्र भेजकर खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलंपिक खेलों के दौरान खिलाड़ियों के लिए टी शर्ट खरीद पर करीब 110 करोड़ रुपए खर्च किए गए और निर्धारित नियमों का पालन नहीं हुआ। शिकायत के बाद खेल मंत्री ने विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता को सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। [1]
विधायक मनोज न्यांगली ने अपनी शिकायत में खरीद प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टी शर्ट की खरीद में तय नियमों का पालन नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने विधानसभा में पहले दिए गए जांच के आश्वासन के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। अब सरकार ने शिकायत में बताए गए बिंदुओं की दोबारा जांच कराने का फैसला किया है। ऐसे में 110 करोड़ की टी शर्ट खरीद से जुड़े रिकॉर्ड, प्रक्रिया और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है।
राजीव गांधी ग्रामीण एवं शहरी ओलंपिक खेलों में प्रदेशभर से करीब 56 लाख खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था। खेल विभाग के निर्देश पर पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए टी शर्ट की खरीद, प्रिंटिंग और आपूर्ति की जिम्मेदारी राजस्थान खेल परिषद को सौंपी गई थी। इसके बाद टी शर्ट की गुणवत्ता, खरीद प्रक्रिया और निविदा जारी करने से पहले सक्षम स्तर से अनुमति लेने को लेकर सवाल उठे थे। अब विधायक की शिकायत के बाद इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता को शिकायत में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी को भेजा जाए। इसका मतलब है कि फिलहाल आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना गया है। जांच में खरीद की प्रक्रिया, नियमों की पालना, गुणवत्ता और निविदा से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
110 करोड़ की टी शर्ट खरीद से जुड़े विवाद में अब सबसे अहम सवाल यह है कि खरीद प्रक्रिया में तय नियमों का पालन हुआ था या नहीं। विधायक ने इसी मुद्दे को उठाते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की है। वहीं सरकार ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। 110 करोड़ की टी शर्ट खरीद से जुड़े अनियमितता के आरोपों की विस्तृत जांच अभी बाकी है इसलिए किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।