बैंक में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र ने Google को 57 संदिग्ध पेज हटाने के निर्देश दिए हैं। इनमें बैंकों की नकल करने वाले फिशिंग पेज भी शामिल हैं।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। बैंक में फर्जीवाड़ा रोकने की कोशिश में केंद्र सरकार ने Google से Firebase पर चल रहे 57 संदिग्ध पेज और डेटाबेस हटाने को कहा है। Indian Cyber Crime Coordination Centre यानी I4C ने ये नोटिस जारी किए हैं। जांच में पाया गया कि कुछ वेबसाइट और डेटाबेस प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों के मोबाइल ऐप और वेबसाइट की नकल कर रहे थे। 7 पेज SBI, ICICI Bank और Axis Bank जैसे बैंकों की नकल करने वाले फिशिंग पेज पाए गए। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इनका इस्तेमाल फर्जी रिवॉर्ड पॉइंट और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर लोगों को फंसाने के लिए किया जा रहा था। [1] [2]
जांच में सामने आया कि ठगों ने ऐसी वेबसाइट और पेज तैयार किए थे जो देखने में असली बैंकिंग सेवाओं जैसे लगते थे। लोगों को रिवॉर्ड पॉइंट भुनाने या क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच दिया जाता था। इसके बाद उनसे कार्ड नंबर और OTP जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश होती थी। कुछ अन्य पेज कथित तौर पर पीड़ितों के फोन से पहले से चोरी किए गए डेटा को जमा करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। इस तरह बैंक में फर्जीवाड़ा का तरीका अब सिर्फ फोन कॉल तक सीमित नहीं रहा।
Google ने सरकार के नोटिस पर कहा कि उसकी नीतियां phishing, malware और financial fraud के लिए उसकी सेवाओं के इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाती हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि वह भारत में I4C और दूसरी कानून प्रवर्तन तथा सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग करती है। Google के मुताबिक सरकारी नोटिस मिलने पर हर मामले का मूल्यांकन उसकी तय प्रक्रियाओं और लागू कानूनों के अनुसार किया जाता है। Firebase Google Cloud का हिस्सा है और सामान्य तौर पर इसका इस्तेमाल मोबाइल ऐप और वेबसाइट विकसित तथा होस्ट करने के लिए किया जाता है। (reuters.com)
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारत में डिजिटल और साइबर फ्रॉड से लोगों को 22500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पिछले 5 साल में यह रकम करीब 52000 करोड़ रुपये बताई गई है। बढ़ते खतरे के बीच RBI ने डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बैंकों और पेमेंट सिस्टम को कई सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा है। बैंक में फर्जीवाड़ा के मामलों को देखते हुए ग्राहकों के लिए भी सावधानी जरूरी है। किसी अनजान लिंक पर कार्ड की जानकारी या OTP डालने के बजाय हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करना चाहिए।
Google को भेजे गए नोटिस डिजिटल पेमेंट से जुड़ी ठगी रोकने की व्यापक कोशिश का हिस्सा हैं। सरकार और नियामक अब केवल फर्जी कॉल या संदेशों पर कार्रवाई करने के बजाय उन डिजिटल ढांचों पर भी नजर रख रहे हैं जिनके जरिए ठग फर्जी वेबसाइट और डेटाबेस संचालित करते हैं। ऐसे मामलों में तेज कार्रवाई जरूरी है क्योंकि एक फर्जी पेज बहुत कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकता है। बैंक में फर्जीवाड़ा से बचने के लिए किसी भी रिवॉर्ड, कैशबैक या क्रेडिट लिमिट ऑफर पर क्लिक करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और उपलब्ध सरकारी तथा नियामकीय स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। किसी वेबसाइट, ऐप या लिंक की वास्तविकता की पुष्टि किए बिना उसमें बैंकिंग, OTP या निजी जानकारी दर्ज नहीं करनी चाहिए और ठगी की आशंका होने पर संबंधित बैंक तथा आधिकारिक साइबर अपराध व्यवस्था से संपर्क करना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।