छड़ी मुबारक यात्रा शनिवार को श्रीनगर के दशानामी अखाड़ा मंदिर से शुरू होकर अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हो गई। 28 अगस्त को अंतिम पूजा।
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श्रीनगर, जम्मू कश्मीर। छड़ी मुबारक यात्रा शनिवार को श्रीनगर के दशानामी अखाड़ा मंदिर से शुरू हुई। भगवान शिव की पवित्र छड़ी के संरक्षक स्वामी दीपेंद्र गिरि साधुओं के साथ इसका नेतृत्व करते हुए दक्षिण कश्मीर के पहलगाम के लिए रवाना हुए। रास्ते में बिजबेहरा और मट्टन के मार्तंड सूर्य मंदिर में पारंपरिक पूजा होगी और इसके बाद छड़ी मुबारक पहलगाम के गौरीशंकर मंदिर पहुंचेगी। छड़ी मुबारक यात्रा अमरनाथ यात्रा के अंतिम चरण का प्रतीक है और 28 अगस्त को पवित्र गुफा में अंतिम प्रार्थना के साथ इस साल की यात्रा पूरी होगी। [1]
पहलगाम पहुंचने के बाद पवित्र छड़ी अपने पारंपरिक पहाड़ी मार्ग से आगे बढ़ेगी। रास्ते में चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रमुख पड़ाव आएंगे। इसके बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन छड़ी मुबारक अमरनाथ की पवित्र गुफा पहुंचेगी। वहां अंतिम पूजा और प्रार्थना होगी। इस साल की यात्रा 57 दिनों तक चली है और इसका समापन श्रावण पूर्णिमा तथा रक्षाबंधन के पर्व के साथ होगा। प्रशासन ने खराब मौसम और ट्रैक की मरम्मत के चलते आम श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा रखी है।
इस साल अब तक 4.80 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। समुद्र तल से करीब 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा में बर्फ से बनी प्राकृतिक संरचना को श्रद्धालु भगवान शिव का प्रतीक मानते हैं। मान्यता है कि यह बर्फीली संरचना चंद्रमा की कलाओं के साथ घटती और बढ़ती है। छड़ी मुबारक यात्रा के दौरान भी धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए विभिन्न मंदिरों और पड़ावों पर पूजा की जाएगी।
इस साल अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की बड़ी तैनाती की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक कड़ी निगरानी और बेहतर प्रबंधन के कारण यात्रा किसी बड़ी अप्रिय घटना के बिना आगे बढ़ी। हालांकि ऊंचाई और कम ऑक्सीजन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कुछ श्रद्धालुओं की प्राकृतिक मौत हुई। अधिकारियों के अनुसार इस साल 42 यात्रियों की मौत कार्डियक अरेस्ट और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी प्राकृतिक वजहों से हुई। इनके अलावा किसी बड़ी सुरक्षा घटना की जानकारी नहीं दी गई है।
अभी सामान्य श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बंद है। उत्तर कश्मीर के बालटाल और दक्षिण कश्मीर के पहलगाम दोनों मार्गों पर खराब मौसम के बाद ट्रैक के रखरखाव का काम चल रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल केवल छड़ी मुबारक का पारंपरिक जुलूस आगे बढ़ रहा है। ऐसे में छड़ी मुबारक यात्रा ही इस साल की अमरनाथ यात्रा के अंतिम धार्मिक चरण को पूरा करेगी। 28 अगस्त को पवित्र गुफा में होने वाली अंतिम पूजा के बाद वार्षिक यात्रा का औपचारिक समापन हो जाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अमरनाथ क्षेत्र में मौसम और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और यात्रा या मार्ग से जुड़ा कोई भी निर्णय प्रशासन के ताजा निर्देशों के आधार पर ही लिया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।