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ऑक्सीजन प्लांट बंद, 40 लाख का सिस्टम ठप; अब मंडी से आ रही ऑक्सीजन

ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से बिलासपुर अस्पताल में सप्लाई प्रभावित है। मंडी से सिलेंडर मंगाए जा रहे हैं और विशेषज्ञों से प्लांट की मरम्मत की तैयारी है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश। ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से बिलासपुर के रीजनल अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई प्रभावित हुई है। करीब 40 लाख रुपये की लागत वाला manifold pipeline oxygen plant तकनीकी खराबी के चलते काम नहीं कर रहा है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन को वार्डों में जरूरत पूरी करने के लिए मंडी से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने पड़ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सिलेंडरों की उपलब्धता में भी कमी सामने आई है। प्लांट को जल्द दोबारा शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय से विशेषज्ञ तकनीशियन भेजने का अनुरोध किया गया है।

सिलेंडरों से चल रहा काम

ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के बाद अस्पताल में पाइपलाइन के जरिए वार्डों तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन व्यवस्था प्रभावित हुई है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मंडी से सिलेंडर लाकर मरीजों की जरूरत पूरी करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि सिलेंडरों की कमी की सूचना भी सामने आई है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऑक्सीजन की लगातार जरूरत को देखते हुए प्रशासन के सामने जल्द से जल्द प्लांट को चालू करने की चुनौती है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अस्पताल प्रबंधन ने खराबी को दूर करने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. AK सिंह के मुताबिक प्लांट की स्थापना PWD विभाग के जरिए हुई थी और इस मामले को विभाग के सामने मौखिक तथा लिखित दोनों स्तरों पर उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन चाहता है कि तकनीकी समस्या की जांच जल्द हो और जरूरी मरम्मत पूरी कर प्लांट को दोबारा चालू किया जाए। फिलहाल ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के कारण वैकल्पिक सप्लाई व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।

तकनीकी टीम का इंतजार

अधिकारियों ने स्वास्थ्य निदेशालय से विशेषज्ञ तकनीशियन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। विशेषज्ञ टीम के आने के बाद खराबी की वास्तविक वजह का पता लगाने और मरम्मत का काम आगे बढ़ाने की उम्मीद है। प्लांट की तकनीकी समस्या कितनी गंभीर है और इसे ठीक करने में कितना समय लगेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। तब तक अस्पताल को सिलेंडरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इस व्यवस्था में नियमित सप्लाई बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि manifold pipeline system अस्पताल के अलग अलग वार्डों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। ऐसी व्यवस्था में खराबी आने पर सिर्फ एक मशीन प्रभावित नहीं होती बल्कि कई वार्डों की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था से स्थिति संभाल रहा है और तकनीकी सहायता मिलने का इंतजार कर रहा है। ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने की अवधि बढ़ती है तो सिलेंडरों की उपलब्धता और समय पर आपूर्ति को लेकर दबाव और बढ़ सकता है।

मरम्मत पर टिकी नजर

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि संबंधित विभाग को समस्या की जानकारी दे दी गई है और प्लांट को जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से विशेषज्ञ तकनीशियन मिलने के बाद मरम्मत और परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए ऑक्सीजन की वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन का ध्यान नियमित सिलेंडर सप्लाई और खराब सिस्टम की जल्द बहाली पर है। ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से पैदा हुई परेशानी का स्थायी समाधान तकनीकी मरम्मत पूरी होने के बाद ही संभव होगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों और संबंधित अधिकारियों के बयानों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपातकालीन व्यवस्था की स्थिति समय के साथ बदल सकती है तथा मरीजों और उनके परिजनों को उपचार संबंधी निर्णय अस्पताल के चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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