राजस्थान

नेत्रदान जागरूकता से बदलेगी सोच, जरूरतमंदों को मिलेगी नई रोशनी

भीलवाड़ा में नेत्रदान जागरूकता सेमिनार में भ्रांतियां दूर करने और ज्यादा लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प दिलाने पर जोर दिया गया।

By अजय त्यागी 1 min read
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नेत्रदान जागरूकता अभियान

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। नेत्रदान जागरूकता को बढ़ावा देने और इससे जुड़ी भ्रांतियां दूर करने के लिए आई बैंक सोसायटी ऑफ राजस्थान के भीलवाड़ा चैप्टर ने सेमिनार आयोजित किया। कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि सही जानकारी लोगों तक पहुंचाकर नेत्रदान को जनआंदोलन बनाया जा सकता है। चैप्टर अध्यक्ष राकेश पगारिया ने बताया कि जरूरतमंद दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लौटाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प दिलाना जरूरी है।

भ्रांतियां दूर करने पर जोर

राकेश पगारिया ने कहा कि कई लोग नेत्रदान करना चाहते हैं, लेकिन इससे जुड़ी गलत धारणाओं और जानकारी के अभाव में संकल्प नहीं ले पाते। ऐसे में नेत्रदान जागरूकता के जरिए समाज के अलग अलग वर्गों तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नेत्रदान जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी की उम्मीद जगा सकता है। सेमिनार में डॉ. प्रतिष्ठा छिपा और दीपक लढा ने नेत्रदान से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों पर जानकारी दी और लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में लायंस क्लब के प्रांतपाल डॉ. निशांत जैन, पीडीजी लायन दिलीप तोषनीवाल और भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने कहा कि कॉर्नियल दृष्टिहीनता को कम करने के लिए चिकित्सा क्षेत्र के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर लोगों को प्रेरित करें तो नेत्रदान जागरूकता को व्यापक अभियान का रूप दिया जा सकता है। इससे संकल्प लेने वालों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

संस्थाओं ने लिया संकल्प

नेत्र सहायक चेतन भट्ट ने बताया कि कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख अतिथियों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने अपनी अपनी संस्थाओं के जरिए नेत्रदान का संदेश हर वर्ग तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकाधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने और संकल्प दिलाने के लिए लगातार प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम में मदन खटोड़, ललित सांखला, रीना पगारिया, अनिल गग्गड़, बालकिशन कालिया, कैलाश काबरा, एनके जैन समेत कई सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी मनीष बंब ने कार्यक्रम की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में राकेश पगारिया ने सभी अतिथियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सेमिनार में मौजूद लोगों ने माना कि नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार संवाद जरूरी है। चिकित्सा विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों की साझी कोशिश से ज्यादा लोगों तक सही जानकारी पहुंच सकती है। आयोजकों का संदेश रहा कि नेत्रदान जागरूकता केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रहे बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और जरूरतमंदों के लिए रोशनी की राह आसान करे।

अस्वीकरण Disclaimer:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नेत्रदान से संबंधित चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकृत चिकित्सा संस्थान और विशेषज्ञ की सलाह को ही मान्य माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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