बिना निर्माण स्वीकृति बहुमंजिला परिसर का अवैध निर्माण जारी है। कलेक्टर से निर्माण रोकने और पट्टे व भू रूपांतरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
अवैध निर्माण
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। खेतड़ी मोड़ क्षेत्र में बिना निर्माण स्वीकृति बनाए जा रहे बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता पूरण मल यादव ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर निर्माण तत्काल रुकवाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यादव का आरोप है कि संबंधित भूमि पर नियमों के विपरीत पट्टा जारी किया गया और भू रूपांतरण के जरिए सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि मौके पर बहुमंजिला व्यावसायिक निर्माण लगातार जारी है।
सामाजिक कार्यकर्ता पूरण मल यादव के अनुसार उन्होंने इस मामले में 30 जुलाई 2026 को प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। यादव का आरोप है कि शिकायत के बावजूद नगरपालिका प्रशासन की ओर से निर्माण रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बिना वैध स्वीकृति के निर्माण कार्य जारी रहने से संबंधित पक्षों के हौसले बढ़ रहे हैं। यादव ने स्थानीय निकाय की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। हालांकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
यादव ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि पर असंवैधानिक तरीके से पट्टा जारी किया गया और नियमों को ताक पर रखकर भू रूपांतरण कराया गया। उनका दावा है कि इस प्रक्रिया के जरिए सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द करने का प्रयास हुआ। इसी आधार पर उन्होंने अवैध निर्माण की जांच के साथ भूमि से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कराने की मांग की है। मामले में प्रशासनिक रिकॉर्ड, पट्टा प्रक्रिया और भू उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।
जिला कलेक्टर को भेजे पत्र में यादव ने निर्माण कार्य तत्काल बंद करवाने की मांग की है। इसके साथ ही निर्माणाधीन बहुमंजिला व्यावसायिक परिसर को अविलंब सीज करने और भू रूपांतरण तथा पट्टा जारी करने के पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच होनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण स्वीकृति सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का पालन हुआ है या नहीं और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
यादव ने नगरपालिका नीमकाथाना की ओर से शहरी सेवा शिविर में जारी किए जा रहे पट्टों भू रूपांतरण और निर्माण स्वीकृतियों की भी निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि शिविर में बड़ी संख्या में काम किए गए हैं जिनकी प्रक्रिया की समीक्षा आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में शिविर के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन से सभी संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है ताकि किसी भी अनियमितता की स्थिति सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
मामले में अब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर नजर बनी हुई है। यदि जांच शुरू होती है तो संबंधित भूमि के दस्तावेज पट्टा जारी करने की प्रक्रिया भू रूपांतरण निर्माण स्वीकृति और मौके पर हुए अवैध निर्माण की स्थिति की जांच अहम होगी। अवैध निर्माण के आरोपों की पुष्टि के लिए स्थल निरीक्षण और विभागीय रिकॉर्ड का मिलान भी जरूरी होगा। फिलहाल सामने आए तथ्य शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नगरपालिका और निर्माणकर्ता का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। निर्माण और भूमि संबंधी लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही मानी जानी चाहिए। संबंधित पक्षों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी उचित स्थान दिया जा सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।