संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की पर्यावरण पहल के तहत रविवार को 150 पौधे रोपे गए। देशभर में 630 स्थानों पर करीब 10 लाख पौधे लगाने का अभियान शुरू हुआ।
150 पौधे रोपे
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से आरजिया चौराहा स्थित संत निरंकारी भवन परिसर में रविवार को 150 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। अभियान का शुभारंभ समाजसेवी कैलाश कोठारी ने किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण सिर्फ पेड़ लगाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने की जिम्मेदारी है। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में सेवादल, साध संगत और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
समाजसेवी कैलाश कोठारी ने संत निरंकारी मिशन की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि मिशन बिना दिखावे के मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण और समाज कल्याण से जुड़े काम कर रहा है। उन्होंने लोगों से ऐसे अभियानों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। स्थानीय मुखी इंचार्ज संत ग्यारसी लाल ने बाबा हरदेव सिंह के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदूषण बाहर के साथ भीतर की चेतना को भी प्रभावित करता है। इसी सोच के साथ मिशन प्रकृति संरक्षण को जीवन मूल्य बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
स्थानीय स्तर पर भी 150 पौधे रोपे गए और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया गया। लगाए गए पौधों में आम, अमरूद, नींबू, जामुन, चीकू, बनासपति, अशोक, केनरिया और चंपा सहित कई प्रजातियां शामिल हैं। स्थानीय मीडिया सहायक लादू लाल भांड ने बताया कि क्षेत्रीय संचालक संत हरिचरण, संचालक रमेश कुमार मेहरा और शिक्षक गोपाललाल कटारिया की देखरेख में सेवादल और साध संगत ने अभियान में भाग लिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि पौधों की देखभाल और संरक्षण को भी अभियान का जरूरी हिस्सा माना गया है।
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा के अनुसार, अगस्त 2021 में शुरू हुई वननेस वन प्रकृति के साथ समरसता पहल अब देशव्यापी अभियान का रूप ले चुकी है। विभिन्न राज्यों में करीब 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 600 से अधिक वननेस वन स्थलों पर श्रद्धालु और सेवादार पौधों के संरक्षण में जुटे हैं। रविवार को अभियान के छठे चरण की शुरुआत देशभर के 630 ग्रामीण और शहरी स्थानों पर की गई जिसमे 150 पौधे रोपे। इस चरण में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया।
अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के साथ लोगों का जुड़ाव मजबूत करना भी है। मिशन की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल और संवर्धन पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि वे आगे चलकर हरित क्षेत्र विकसित करने में योगदान दें। भीलवाड़ा में 150 पौधे रोपे जाने के अवसर पर मौजूद लोगों ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। कार्यक्रम के अंत में संत ग्यारसी लाल ने समाजसेवियों, साध संगत, सेवादारों और सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध आयोजकीय तथ्यों और संबंधित स्रोतों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पौधों की प्रजाति, संख्या और अभियान से जुड़े आंकड़े आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार हैं और इनमें समय के साथ बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।