राजस्थान

अक्षत लखारा ने शतरंज में मारी बाजी, अंडर 19 वर्ग में बने चैंपियन

अक्षत लखारा ने शतरंज में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर 19 वर्ग का खिताब जीता। 8 चक्रों में 7 जीत और 1 ड्रॉ के साथ वे अजेय रहे। अब राष्ट्रीय स्तर पर नजर।

By अजय त्यागी 1 min read
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अक्षत लखारा अंडर 19 वर्ग में बने चैंपियन

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। विवेकानंद केंद्र विद्यालय हुरड़ा के छात्र अक्षत लखारा ने पढ़ाई और खेल के बीच शानदार संतुलन दिखाते हुए राज्य स्तरीय फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता के अंडर 19 वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। जयपुर में राजस्थान शतरंज संघ की ओर से 21 से 23 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 175 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें करीब 80 खिलाड़ी फिडे रेटेड थे। अक्षत ने पूरे 8 चक्रों में कोई मुकाबला नहीं गंवाया और 7 जीत के साथ 1 ड्रॉ खेलकर खिताब अपने नाम किया।

अक्षत का शानदार खेल

अक्षत लखारा ने प्रतियोगिता के दौरान अपने से बेहतर रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को भी हराकर अपनी क्षमता का दमदार परिचय दिया। 8 चक्रों में 7 जीत और 1 ड्रॉ के रिकॉर्ड ने उन्हें अंडर 19 वर्ग में शीर्ष स्थान तक पहुंचाया। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। इस जीत का असर उनकी फिडे रेटिंग पर भी पड़ा और इसमें करीब 100 अंकों की बढ़ोतरी हुई। अब उनकी नजर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं पर है, जहां वे राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

अक्षत की उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वे पढ़ाई में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कक्षा 10 में 88 प्रतिशत अंक हासिल किए थे और फिलहाल कक्षा 11 में विज्ञान संकाय से पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी सफलता यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और नियमित अभ्यास के साथ विद्यार्थी पढ़ाई के साथ खेल में भी आगे बढ़ सकते हैं। शतरंज में मिली यह कामयाबी उनके लिए आगे की प्रतियोगिताओं में आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।

पढ़ाई संग खेल की जीत

अक्षत लखारा के परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने भी उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके दादा शिक्षक और व्याख्याता के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, जबकि उनके पिता मेडिकल क्षेत्र में नर्सिंग ऑफिसर हैं। परिवार की ओर से मिले निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने अक्षत के व्यक्तित्व को निखारने में मदद की। वहीं विवेकानंद केंद्र विद्यालय हुरड़ा की प्रधानाचार्य आशा गोयल विद्यार्थियों में शतरंज के प्रति रुचि बढ़ाने और प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं।

विद्यालय में शतरंज को मिल रहे इस प्रोत्साहन से विद्यार्थियों को जिला और राज्य स्तर के बाद राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने के अवसर मिल रहे हैं। अक्षत की मौजूदा उपलब्धि भी इसी सकारात्मक माहौल, निरंतर अभ्यास और मेहनत का नतीजा है। अब राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का मौका उनके लिए नई चुनौती होगी। विद्यालय और परिवार को उम्मीद है कि अक्षत आगे भी अपनी खेल प्रतिभा के साथ पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन जारी रखेंगे और आने वाली प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए तथ्यों और उपलब्ध ऑनलाइन स्रोतों में मिली जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रतियोगिता के परिणाम, रेटिंग और पुरस्कार से जुड़े आंकड़े आयोजकीय जानकारी के अनुसार हैं और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इनमें बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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