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मुंबई में प्रेक्षाध्यान शिविर, तनावमुक्ति और संतुलित जीवन पर जोर

प्रेक्षाध्यान शिविर के जरिए तनावमुक्ति और संतुलित जीवन का संदेश दिया गया। साध्वी कंचनप्रभाजी ने ध्यान के प्रयोगों को आज की जीवनशैली के लिए उपयोगी बताया।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रेक्षाध्यान शिविर

मुंबई, महाराष्ट्र। महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल के विशाल प्रांगण में तेरापंथ धर्मसंघ की साध्वीवृंद के सान्निध्य में प्रेक्षाध्यान शिविर का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महामंत्रोच्चार, मंगलाचरण और प्रेक्षागीत के संगान से हुई। प्रशिक्षिका ममता नाहटा ने विभिन्न प्रयोगों के जरिए उपस्थित धर्मसभा को ध्यानमय बनाया। साध्वी कंचनप्रभाजी ने कहा कि आज की उपभोक्तावादी जीवनशैली से तनाव और दूरी बढ़ रही है। ऐसे माहौल में ध्यान के अभ्यास से व्यक्ति भीतर से स्थिर और परिस्थितियों के प्रति तटस्थ बन सकता है।

तनावमुक्ति पर जोर

साध्वी कंचनप्रभाजी ने कहा कि प्रेक्षाध्यान शिविर का उद्देश्य केवल ध्यान की तकनीक समझाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को अपने भीतर झांकने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि परिवार में सौहार्द और आत्मीयता बनाए रखने के लिए ध्यान के प्रयोग उपयोगी हो सकते हैं। उनके अनुसार नियमित अभ्यास से व्यक्ति तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी अपनी प्रतिक्रिया को बेहतर ढंग से संभाल सकता है। प्रेक्षाध्यान के जरिए आत्मस्थ और तटस्थ रहने की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जा सकता है।

साध्वी मंजुरेखाजी ने जीवन में संतुलन की अहमियत बताते हुए कहा कि संतुलित जीवन व्यक्ति को विभिन्न परिस्थितियों में खुशहाल रहने की क्षमता देता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में ध्यान और आध्यात्मिक चेतना की परंपरा का उल्लेख किया। कार्यक्रम में साध्वी उदितप्रभाजी, साध्वी निर्भयप्रभाजी और साध्वी चेलनाश्रीजी भी मौजूद रहीं। इस दौरान मेहक ओस्तवाल, दृषि कच्छारा, कोमल सुराणा, आर्यन निंबजा, सौमिक कच्छारा और हेम दोषी ने कव्वाली प्रस्तुत की। कन्या मंडल और किशोर मंडल ने भी आकर्षक कार्यक्रम पेश किए।

ध्यान से संतुलन

कार्यक्रम में प्रेक्षाध्यान शिविर के दौरान आध्यात्मिक वातावरण के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों को जोड़े रखा। महिला मंडल दक्षिण मुंबई की अध्यक्षा लतिका डागलिया, दक्षिण मुंबई सभा के मंत्री पवन बोलिया और उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया और मंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। आयोजन का संयोजन पुष्पा कच्छारा ने किया।

प्रेक्षाध्यान शिविर में दिए गए संदेश का केंद्र तनाव कम करने, जीवन में संतुलन लाने और पारिवारिक संबंधों में आत्मीयता बढ़ाने पर रहा। तेरापंथ समाज की गतिविधियों में प्रेक्षाध्यान से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन लगातार होता रहा है। हाल में मुंबई के महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में साध्वी कंचनप्रभाजी और साध्वी मंजुरेखाजी की मौजूदगी में अन्य संगठनात्मक कार्यक्रम भी हुए हैं। इससे इस केंद्र में आध्यात्मिक और सामाजिक गतिविधियों की निरंतरता का पता चलता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए तथ्यों और संबंधित विश्वस्त स्रोतों में प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ध्यान और प्रेक्षाध्यान से मिलने वाले लाभ व्यक्ति की परिस्थितियों और अभ्यास पर निर्भर कर सकते हैं तथा यह चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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