राजस्थान

फूलों की सजावट के बीच रानी सती दादी का उत्सव, जयकारों से गूंजा मंदिर

सावन में रानी सती दादी के सिंधारा और झूला उत्सव में मंगल पाठ, झांकियों, नृत्य और महाआरती ने श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबो दिया आस्था का रंग छाया।

By अजय त्यागी 1 min read
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सिंधारा एवं झूला उत्सव

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। सावन के पावन अवसर पर रविवार को दादी धाम में सिंधारा एवं झूला उत्सव आस्था और भक्ति के रंग में सराबोर रहा। फूलों की खुशबू, आकर्षक सजावट, मंगल पाठ, भक्ति गीतों और झांकियों ने माहौल को खास बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बनारस की प्रसिद्ध गायिका पायल अग्रवाल के रानी सती दादी के मंगल पाठ से हुई। भावपूर्ण प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे रहे और लगातार जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन खास रहा।

मंगल पाठ ने बांधा समां

मंगल पाठ के दौरान पायल अग्रवाल ने मधुर स्वर में रानी सती दादी की महिमा का गुणगान किया। उनकी प्रस्तुति के साथ श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। उत्सव में दादी जी का विशेष श्रृंगार अलवर से आए संतोष खंडेलवाल ने किया। फूलों, गजरों और आकर्षक सजावट से सजा दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहा। पुजारी शैलेन्द्र शुक्ला ने आरती कराई। पूजा अग्रवाल और निर्मला अग्रवाल ग्रुप तथा खुशबू और सोनाली पौद्दार ग्रुप ने विशेष झांकियां पेश कीं। नृत्य प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं।

भक्ति गीतों पर कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जबकि मशालों के साथ हुई विशेष नृत्य प्रस्तुति ने माहौल में अलग आकर्षण जोड़ दिया। उत्सव में विशेष गजरा, मेहंदी उत्सव, चुनरी उत्सव, आकर्षक झूला, भक्तों के लिए झूले और दादी का नौका विहार भी प्रमुख आकर्षण रहे। मंगल पाठ के बाद महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया। पूरे आयोजन में धार्मिक उत्साह के साथ सांस्कृतिक रंग भी नजर आया। इससे उत्सव का उल्लास और बढ़ गया।

उत्सव में दिखी भक्ति

दादी प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रदीप पौद्दार ने कहा कि सावन के इस पावन आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और दादी का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले भक्तों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि मंगल पाठ से लेकर झांकियों और नृत्य प्रस्तुतियों तक पूरा कार्यक्रम उत्साह से भरा रहा। समिति सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी निभाई। तैयारियों में अनिल सिंघल, राहुल अग्रवाल सहित कई सदस्यों और भक्तों का सहयोग रहा।

उत्सव के दौरान हर हर नारायणी घर घर नारायणी और जय राणी सती दादी के जयकारे लगातार गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की भागीदारी ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया। समिति पदाधिकारियों के अनुसार धार्मिक कार्यक्रमों के साथ झांकियों, नृत्य, श्रृंगार और अन्य गतिविधियों ने सभी आयु वर्ग के लोगों का ध्यान खींचा। सावन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में भक्ति और सामूहिक उत्साह का मेल दिखा। रानी सती दादी की भक्ति में डूबा यह उत्सव श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। धार्मिक मान्यताओं और आयोजन से जुड़ी जानकारी संबंधित आयोजकों तथा उपलब्ध स्रोतों के बयानों पर आधारित है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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