अमेरिका में एच 1 बी फीस पर 103265 डॉलर की अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों और कंपनियों के लिए बड़ी चिंता बन सकता है।
प्रतीकात्मक फोटो
वॉशिंगटन डीसी। ट्रंप प्रशासन ने कैप आधारित एच 1 बी याचिकाओं पर 103265 डॉलर की अतिरिक्त फीस लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह राशि मौजूदा सभी लागू शुल्कों के अतिरिक्त होगी। प्रस्तावित शुल्क कैप के तहत आने वाली हर याचिका पर लागू होगा जिसमें अमेरिकी संस्थान से मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता रखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए उपलब्ध 20000 अतिरिक्त स्थान वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। यह प्रस्ताव अभी अंतिम नियम नहीं है। इसके प्रकाशन के बाद 30 दिन तक जनता और संबंधित पक्षों से टिप्पणियां मांगी जाएंगी। [1]
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार प्रस्तावित एच 1 बी फीस से हर साल करीब 8.8 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। यह अनुमान सालाना 85000 कैप आधारित याचिकाओं के आधार पर लगाया गया है। सरकार का कहना है कि इस राशि का इस्तेमाल कानूनी आव्रजन व्यवस्था की लागत वसूलने में होगा। इसमें आव्रजन लाभों की जांच धोखाधड़ी की पहचान राष्ट्रीय सुरक्षा जांच सरकारी प्रणालियों का आधुनिकीकरण और रिकॉर्ड संग्रह जैसे कार्य शामिल हैं। नियोक्ताओं को प्रस्तावित राशि याचिका दाखिल करते समय अन्य लागू शुल्कों के साथ देनी होगी।
इस राशि से आव्रजन अदालतों वीजा प्रक्रिया श्रम मानकों के पालन और संघीय एजेंसियों के बीच समन्वय से जुड़ी गतिविधियों को भी सहायता मिल सकती है। विभाग के अनुसार नागरिकता और आव्रजन सेवा सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन न्याय विभाग विदेश विभाग और श्रम विभाग की आव्रजन संबंधी गतिविधियां इससे जुड़ी होंगी। हालांकि कुछ गैर लाभकारी शोध संस्थानों सरकारी शोध निकायों और उच्च शिक्षा संस्थानों की ओर से दाखिल कैप मुक्त याचिकाओं पर यह शुल्क लागू नहीं होगा।
अमेरिका का एच 1 बी कार्यक्रम विशेष ज्ञान वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए इस्तेमाल होता है। तकनीक इंजीनियरिंग वित्त चिकित्सा और शोध इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। भारतीय पेशेवर इस कार्यक्रम के महत्वपूर्ण लाभार्थियों में शामिल हैं। इसलिए एच 1 बी फीस बढ़ने से भारतीय प्रतिभाओं को नियुक्त करने वाली अमेरिकी कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। इसका असर नई भर्तियों उम्मीदवारों के चयन और कंपनियों की वैश्विक प्रतिभा रणनीति पर पड़ सकता है। इससे अमेरिका में रोजगार की तलाश कर रहे कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए प्रतिस्पर्धा और अनिश्चितता बढ़ सकती है।
अमेरिका में हर साल 65000 सामान्य एच 1 बी स्थान उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा अमेरिकी संस्थान से मास्टर डिग्री या उससे अधिक योग्यता रखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए 20000 अतिरिक्त स्थान निर्धारित हैं। विभाग ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 में कैप आधारित याचिकाएं दाखिल करने वाले 28649 संगठनों में 14541 छोटे संगठन थे। इनमें 11051 छोटे संगठनों पर नियम का महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान लगाया गया है। शुल्क सभी संबंधित नियोक्ताओं के लिए समान प्रस्तावित है और उनके आकार के आधार पर इसमें कोई अलग दर नहीं रखी गई है।
एफडब्ल्यूडी यूएस के अध्यक्ष टॉड शुल्टे ने प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे अमेरिकी कंपनियों पर भारी कर बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां वैश्विक प्रतिभाओं और आर्थिक नेतृत्व के लिए अमेरिका की प्रतिस्पर्धा को कमजोर कर सकती हैं। उनका कहना है कि कंपनियां और नौकरियां विदेश जा सकती हैं जिससे अमेरिकी कर्मचारियों को भी नुकसान होगा। उन्होंने सरकार के कानूनी अधिकार पर भी सवाल उठाया है और कहा कि किसी व्यक्तिगत याचिका की प्रक्रिया लागत से बहुत अधिक राशि लेना कानून के तहत चुनौती का विषय बन सकता है।
गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि संघीय आव्रजन कानून सरकार को ऐसी फीस निर्धारित करने की अनुमति देता है जो आव्रजन आवेदन और नागरिकता सेवाओं की पूरी लागत वसूलने में सक्षम हो। विभाग का तर्क है कि कैप आधारित एच 1 बी नियोक्ता आम तौर पर व्यक्तिगत आव्रजन आवेदकों की तुलना में अधिक भुगतान करने की क्षमता रखते हैं। प्रस्ताव फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होने के बाद 30 दिन की सार्वजनिक टिप्पणी प्रक्रिया से गुजरेगा। टिप्पणियों की समीक्षा के बाद सरकार अंतिम नियम जारी करने पर फैसला करेगी।
अस्वीकरण Disclaimer
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। प्रस्तावित एच 1 बी फीस अभी अंतिम नियम नहीं है और सार्वजनिक टिप्पणियों तथा आगे की नियामकीय प्रक्रिया के बाद इसमें बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।