हैती में गैंग हिंसा से केन्सकॉफ में 47 लोगों की मौत हुई और 22 घायल हुए। पुलिस पर सवाल उठे हैं और दिसंबर चुनाव को लेकर चिंता भी काफी बढ़ी है।
हैती में गैंग हिंसा
पोर्ट औ प्रिंस, हैती। पोर्ट औ प्रिंस में गैंग हिंसा के चलते केन्सकॉफ इलाके में रातभर चले हमले में कम से कम 47 लोगों की मौत और 22 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र ने मृतकों और घायलों का यह आंकड़ा दिया है और कहा है कि संख्या में बदलाव संभव है। रॉयटर्स के अनुसार रणनीतिक पहाड़ी इलाके केन्सकॉफ में पिछले साल से सशस्त्र गिरोहों के करीब एक दर्जन हमले हो चुके हैं। लगातार हमलों के कारण हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। [1]
केन्सकॉफ राजधानी पोर्ट औ प्रिंस की ओर जाने वाले रास्तों पर रणनीतिक स्थिति में मौजूद है और इसी वजह से इसका महत्व काफी अधिक है। हैती में गैंग हिंसा के ताजा मामले ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रॉयटर्स के अनुसार हैती के मानवाधिकार संगठन आरएनडीडीएच ने हमले में 30 से 40 लोगों की मौत और 15 से 20 लोगों के घायल होने का अनुमान दिया था। संगठन ने कहा कि रात करीब साढ़े दस बजे शुरू हुए हमले में पूरी संख्या तय करना मुश्किल था।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 2025 की शुरुआत में हैती में गैंग हिंसा के कारण केन्सकॉफ में दो महीने तक चले हमलों में 260 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और करीब 200 घर नष्ट या आग के हवाले कर दिए गए थे। उस दौरान लगभग 3000 लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। इसके बाद भी इलाके में करीब एक दर्जन और हमले हुए जिनमें बलात्कार अपहरण आगजनी और पशुधन चोरी जैसी घटनाएं शामिल थीं। ताजा हिंसा ने स्थानीय लोगों में भय बढ़ाया है और पहले से विस्थापित परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
हैती सरकार ने हमले को बेहद जघन्य बताया और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि केन्सकॉफ को छोड़ा नहीं जाएगा और सरकारी अधिकार बहाल किया जाएगा। लेकिन स्थानीय लोगों में सरकार और पुलिस के खिलाफ नाराजगी बढ़ी है। निवासियों का आरोप है कि कई लोग पुलिस स्टेशन से कुछ ही मिनट की दूरी पर मारे गए। इसी कारण स्थानीय पुलिस प्रमुख के इस्तीफे की मांग सामने आई है। लोगों का कहना है कि बार बार हमलों के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार हैती में गैंग हिंसा के दौरान रात में कई दर्जन पुलिसकर्मियों ने हथियारबंद हमलावरों को रोकने की कोशिश की और कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। लोगों ने यह भी कहा कि मृतकों में गिरोह के सदस्यों की पहचान नहीं हो सकी। स्थानीय मीडिया के अनुसार कई घरों में आग लगा दी गई जिनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ जीन विलियम पेप का घर भी शामिल था। राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख व्लादिमीर पैराइसन ने बाद में केन्सकॉफ का दौरा किया और कहा कि पुलिस ने प्रयास करना बंद नहीं किया। इसके बावजूद हैती में गैंग हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
केन्सकॉफ से पेटियोन विले की ओर जाने वाले रास्ते निकलते हैं जहां कई दूतावास महंगे होटल और सरकार का अस्थायी केंद्र मौजूद है। यह इलाका राजधानी से दक्षिणी हैती की ओर जाने वाली एक प्रमुख सड़क से भी जुड़ा है। इसलिए यहां होने वाली हिंसा का असर राजधानी और आसपास के क्षेत्रों पर पड़ सकता है। लगातार अस्थिरता ने दिसंबर में प्रस्तावित चुनाव को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। यह चुनाव एक दशक में पहली बार होने वाला है और गिरोहों के बढ़ते प्रभाव के कारण पहले भी चुनाव लगातार टाले जाते रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित गैंग सप्रेशन फोर्स को पुलिस की मदद के लिए तैयार किया जा रहा है और इस बल की क्षमता शरद ऋतु तक 5500 से अधिक सैनिकों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह बल फिलहाल केन्सकॉफ की सुरक्षा मजबूत करने के लिए तैनात किया जा रहा है या नहीं। रॉयटर्स के अनुसार इस बारे में बल के प्रवक्ता की ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं मिला। बढ़ती हिंसा के बीच सरकार के सामने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ चुनाव के लिए जरूरी माहौल तैयार करने की बड़ी चुनौती बनी हुई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मृतकों और घायलों की संख्या में आधिकारिक पुष्टि के अनुसार बदलाव संभव है तथा हैती की सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।