उत्तर प्रदेश

गेमिंग वीडियो देखकर बच्चे घर से निकले, 24 घंटे छिपने की तैयारी थी 

YouTube पर गेमिंग वीडियो देखकर 11 और 7 साल के बच्चे घर से निकले, फार्महाउस के पास 24 घंटे छिपने की तैयारी थी। पुलिस ने करीब 2 घंटे में सुरक्षित खोजा।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

मेरठ, उत्तर प्रदेश। बच्चे घर से निकले तो परिवार को उनके इरादे की कोई जानकारी नहीं थी। रविवार दोपहर 11 और 7 साल के दो बच्चे अचानक अपने घर से लापता हो गए। दोनों हस्तिनापुर की B Block कॉलोनी के रहने वाले हैं। परिवार ने आसपास के इलाके और रिश्तेदारों के घरों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और मिशन शक्ति टीम ने करीब 2 घंटे में दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया और परिवारों को सौंप दिया।  [1]

वीडियो का असर

पूछताछ में बच्चों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने YouTube पर Secret House गेम का गेमिंग वीडियो देखा था। इस खेल में खिलाड़ी किसी सुनसान जगह पर गुप्त ठिकाना बनाते हैं और तय नियमों के साथ 24 घंटे तक उसके भीतर छिपे रहते हैं। वीडियो देखने के बाद दोनों बच्चे उससे प्रभावित हुए और उन्होंने भी ऐसा ही चैलेंज करने का फैसला किया। इसके लिए वे घरवालों को बताए बिना निकल गए और एक फार्महाउस के पास सुनसान जगह पर अपना ठिकाना तैयार किया। उनका इरादा वहां 24 घंटे तक छिपे रहने का था।

बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने पहले आसपास की गलियों और दूसरे संभावित स्थानों पर खोजबीन की। इसके बाद रिश्तेदारों के घरों में भी जानकारी ली गई, लेकिन दोनों का पता नहीं चला। तब परिवार ने पुलिस को सूचना दी। मवाना के सर्कल ऑफिसर पंकज लवानिया के मुताबिक, पुलिस और मिशन शक्ति टीम ने बच्चों की तलाश शुरू की। टीम ने आसपास के इलाकों में खोजबीन की और करीब 2 घंटे के भीतर दोनों बच्चों को सुरक्षित ढूंढ लिया। बाद में उन्हें उनके परिवारों के हवाले कर दिया गया।

तलाश का नतीजा

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि बच्चों ने ऑनलाइन देखी गई सामग्री को वास्तविक जिंदगी में आजमाने की कोशिश की थी। बच्चे घर से निकले थे क्योंकि वे वीडियो में दिखाई गई 24 घंटे छिपने वाली चुनौती को खुद पूरा करना चाहते थे। उनका मकसद किसी अपराध को अंजाम देना नहीं था, लेकिन घरवालों को बिना बताए सुनसान जगह पर जाना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता था। कम उम्र में बच्चे वीडियो में दिखाई गतिविधियों के वास्तविक खतरे को हमेशा समझ नहीं पाते। ऐसे मामलों में ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और बच्चों से खुली बातचीत जरूरी हो जाती है।

बच्चे घर से निकले और करीब 2 घंटे तक उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार की चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई थी। दोनों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने यह भी दिखाया कि इंटरनेट पर दिखाई जाने वाली चुनौती को बच्चे कभी कभी वास्तविक खेल समझकर अपनाने की कोशिश कर सकते हैं। अभिभावकों के लिए जरूरी है कि वे बच्चों से उनके देखे जाने वाले वीडियो और गेमिंग कंटेंट के बारे में बात करें। उन्हें यह भी समझाएं कि हर ऑनलाइन चुनौती असल जिंदगी में सुरक्षित नहीं होती।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। ऑनलाइन गेमिंग वीडियो और चैलेंज की नकल बच्चों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती है, इसलिए अभिभावकों को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर उम्र के अनुरूप निगरानी और संवाद बनाए रखना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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