कोटा में तीज महोत्सव के दौरान क्षत्राणी महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह से भाग लिया। गीत, नृत्य, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों ने समारोह को खास बना दिया।
तीज महोत्सव में छाया उल्लास
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। तीज महोत्सव में छाया उल्लास, जब अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा राजस्थान की क्षत्राणी विंग की ओर से थेकड़ा स्थित रिसॉर्ट में महिलाओं ने पारंपरिक राजपूती रंग में उत्सव मनाया। बड़ी संख्या में क्षत्राणी महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं और तीज के गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नृत्य, मनोरंजक खेलों और सामूहिक गतिविधियों में उत्साह से हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सावन की उमंग के साथ राजस्थानी संस्कृति और पारंपरिक विरासत की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम में महिलाओं ने सावन से जुड़े कई खेलों और मनोरंजक गतिविधियों में हिस्सा लेकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। रंग बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने आयोजन की रौनक बढ़ाई। क्षत्राणी विंग की प्रदेश अध्यक्ष तरुणा सोलंकी ने कहा कि हरियाली तीज केवल पर्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सांस्कारिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को आपस में जोड़ने, सामाजिक मेलजोल बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का अवसर भी देते हैं।
समारोह में अलग अलग प्रतियोगिताओं और गतिविधियों के विजेता प्रतिभागियों को सम्मान मिला। लहरिया क्वीन प्रतियोगिता में सीम्मी सोलंकी विजेता रहीं, जबकि नृत्य प्रतियोगिता में रिया सोलंकी ने प्रथम स्थान हासिल किया। इन प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और एक दूसरे का हौसला बढ़ाया। आयोजकों के अनुसार, तीज महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि महिलाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना और सामूहिक सहभागिता के जरिए सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करना भी था।
तीज महोत्सव के दौरान पारंपरिक गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सावन की उमंग को जीवंत किया। महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई और समारोह में उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजकों ने बताया कि राजस्थानी संस्कृति से जुड़े ऐसे आयोजन परंपराओं को सहेजने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में महिलाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी और पूरे आयोजन में सांस्कृतिक रंग साफ नजर आया।
समारोह के अंत में उपस्थित महिलाओं ने समाज की एकता, राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण तथा संगठन के संस्कारों को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के साथ महिला सहभागिता को भी प्रमुखता दी। आयोजन में प्रतियोगिताओं और मनोरंजक गतिविधियों के जरिए महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। क्षत्राणी विंग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने तीज पर्व की परंपरा, सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक गौरव को एक साथ सामने रखा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट उपलब्ध कराए गए तथ्यों और संबंधित स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं से संबंधित विवरण आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। प्रतियोगिताओं के परिणामों से संबंधित अंतिम प्रमाण आयोजकों के रिकॉर्ड के अनुसार माना जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।