उपराष्ट्रपति का इस्तीफा, तंजानिया में सत्ता का बड़ा उलटफेर। राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने इस्तीफा मंजूर किया। अब नए उपराष्ट्रपति की नियुक्ति होगी।
तंजानिया के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति
दार एस सलाम, तंजानिया। तंजानिया के उपराष्ट्रपति का इस्तीफा देश की राजनीति में अचानक बड़ा घटनाक्रम बन गया है। उपराष्ट्रपति इमैनुएल जॉन नचिंबी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। सरकार के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी है लेकिन इस्तीफे की कोई वजह नहीं बताई गई। Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार नचिंबी 4 सितंबर को पद छोड़ेंगे। इसके बाद तंजानिया के नए उपराष्ट्रपति की नियुक्ति के लिए संवैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। [1]
नचिंबी ने नवंबर पिछले साल उपराष्ट्रपति का पद संभाला था। इससे पहले वह राष्ट्रपति की सत्तारूढ़ पार्टी चामा चा मापिंदुजी के महासचिव रह चुके हैं। हाल ही में उनके एक बयान को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठे थे। उन्होंने एक मानवाधिकार संगठन के कार्यक्रम में तंजानिया के लोगों से नए संविधान के लिए आवाज उठाने की अपील की थी। उनका कहना था कि संविधान ऐसा होना चाहिए जो केवल आर्थिक विकास नहीं बल्कि देश के हर नागरिक की गरिमा और मानवीय मूल्य को भी मजबूत करे।
नचिंबी की इस टिप्पणी को पार्टी के कुछ नेताओं ने गैरजरूरी माना था। हालांकि सरकार ने उनके इस्तीफे के पीछे इस बयान को वजह नहीं बताया है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस्तीफे का संबंध राजनीतिक मतभेदों से है। राष्ट्रपति कार्यालय ने केवल इस्तीफा स्वीकार किए जाने और आगे संवैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है। नए उपराष्ट्रपति के चयन के बाद ही सत्ता के भीतर इस बदलाव की पूरी तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है।
तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने पिछले साल का राष्ट्रपति चुनाव करीब 98 प्रतिशत वोट के साथ जीता था। हालांकि चुनाव के दौरान विपक्ष के प्रमुख उम्मीदवारों को मैदान से बाहर किए जाने और इसके बाद हुई हिंसा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। सरकार द्वारा गठित जांच पैनल ने कहा था कि चुनाव से जुड़ी अशांति में कम से कम 518 लोगों की मौत हुई। ऐसे माहौल के बाद अचानक उपराष्ट्रपति का इस्तीफा तंजानिया की राजनीति में अतिरिक्त चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल राष्ट्रपति हसन के सामने नए उपराष्ट्रपति की नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है। सरकार ने कहा है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा लेकिन नए नाम को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। तंजानिया के उपराष्ट्रपति का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब देश में चुनावी हिंसा और संवैधानिक सुधार को लेकर बहस पहले से मौजूद है। इसलिए आने वाले दिनों में नए नेतृत्व के साथ सरकार की राजनीतिक दिशा पर भी नजर रहेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। उपराष्ट्रपति के इस्तीफे की वास्तविक वजह सरकार ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है इसलिए किसी राजनीतिक कारण को इसकी निश्चित वजह मानना उचित नहीं होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।