कुकिंग प्रशिक्षण के साथ रक्षाबंधन का जश्न, बालिका गृह और नारी निकेतन की बालिकाओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में हुनर दिखाया और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
कुकिंग प्रशिक्षण
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। रोटरी क्लब पाद्मिनी, कोटा की ओर से एजुकेट टू एम्पावर वीक के तहत बालिका गृह एवं नारी निकेतन, नांता में बालिकाओं के लिए जीवन कौशल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुकिंग प्रशिक्षण और बेकिंग के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं। कार्यक्रम का मकसद बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उपयोगी हुनर विकसित करना रहा। रिचा अग्रवाल ने घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री और रसोई के साधारण बर्तनों से आसान व्यंजन बनाने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बालिकाओं के लिए मेहंदी प्रतियोगिता भी रखी गई, जिसमें उन्होंने उत्साह और रचनात्मकता के साथ हिस्सा लिया। बालिकाओं ने हाथों पर आकर्षक मेहंदी डिजाइन बनाकर अपनी प्रतिभा दिखाई। रक्षाबंधन के माहौल में आयोजित इस प्रतियोगिता ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। आयोजकों के अनुसार ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 3 विजेताओं को मंजू यादव ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया और उनका उत्साह बढ़ाया।
रक्षाबंधन के मौके पर बालिकाओं और बच्चों के बीच मिठाइयां भी वितरित की गईं। इस दौरान सभी ने मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं और उत्सव का माहौल बनाया। आयोजन में कुकिंग प्रशिक्षण को केवल रसोई से जुड़े काम तक सीमित नहीं रखा गया बल्कि इसे आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक जीवन कौशल से जोड़कर देखा गया। रोटरी क्लब पाद्मिनी की अध्यक्ष दीप्ति राजावत ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का मकसद बालिकाओं को उपयोगी कौशल सिखाने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की सोच विकसित करना है।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब पाद्मिनी की अध्यक्ष दीप्ति राजावत, सरोज बंसल, रिचा अग्रवाल और मंजू यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। रिचा अग्रवाल ने प्रशिक्षण के दौरान रसोई में आसानी से उपलब्ध सामग्री और सामान्य बर्तनों का इस्तेमाल करते हुए सरल कुकिंग और बेकिंग की जानकारी दी। इससे बालिकाओं को रोजमर्रा में काम आने वाली चीजें सीखने का मौका मिला। आयोजन का जोर ऐसे व्यावहारिक कौशल पर रहा जिन्हें वे आगे अपने जीवन में उपयोग कर सकें और जरूरत पड़ने पर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा सकें।
रक्षाबंधन की खुशियों के बीच कार्यक्रम ने सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी दिया। बालिकाओं ने मेहंदी में रचनात्मकता दिखाई और प्रतियोगिता के जरिए आत्मविश्वास का परिचय दिया। मिठाइयों के वितरण से उत्सव की खुशी भी साझा हुई। कुकिंग प्रशिक्षण ने कार्यक्रम के व्यावहारिक पक्ष को मजबूत किया और बालिकाओं को घरेलू स्तर पर उपयोगी कौशल सीखने का अवसर दिया। कुल मिलाकर आयोजन ने शिक्षा, हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ते हुए बालिकाओं के लिए सीखने और खुशी का माहौल तैयार किया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कार्यक्रम से संबंधित विवरण उपलब्ध कराए गए तथ्यों और उपलब्ध प्रकाशित जानकारी पर आधारित हैं तथा आयोजन के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।