राजस्थान

संस्कृत सप्ताह में गूंजे श्लोक, संविधान पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

संस्कृत सप्ताह के तहत श्लोक पाठ और हम भारत के लोग विषय पर निबंध प्रतियोगिता हुई। विद्यार्थियों ने भाषा संस्कृति और संवैधानिक मूल्यों पर विचार रखे।

By अजय त्यागी 1 min read
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संस्कृत सप्ताह का आयोजन

पाटन, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। राजकीय महाविद्यालय पाटन में संस्कृत सप्ताह के तहत संस्कृत श्लोक पाठ और हम भारत के लोग विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के महत्व के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में रचनात्मक गतिविधियों की भूमिका पर चर्चा हुई। वरिष्ठ संकाय सदस्य किरण यादव ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में उत्साह से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। संस्कृत सप्ताह के आयोजन का मकसद विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनकी अभिव्यक्ति और सोच को मंच देना रहा।

श्लोकों में दिखा हुनर

संस्कृत श्लोक पाठ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अलग अलग संस्कृत श्लोकों का सस्वर और प्रभावशाली पाठ प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने उच्चारण और प्रस्तुति के जरिए अपनी तैयारी और आत्मविश्वास दिखाया। कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया और बताया गया कि ऐसी गतिविधियां पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में मदद करती हैं। रचनात्मक मंच मिलने से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा सामने रखने का अवसर मिला। इस दौरान प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया और उन्होंने सक्रियता से अपनी प्रस्तुतियां दीं।

इसी कार्यक्रम के तहत हम भारत के लोग विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। इसमें विद्यार्थियों ने भारतीय संविधान लोकतांत्रिक मूल्यों नागरिक कर्तव्यों तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता से जुड़े विचारों को अपने शब्दों में सामने रखा। निबंधों के जरिए विद्यार्थियों ने संविधान और नागरिक जिम्मेदारियों को लेकर अपनी समझ और सोच व्यक्त की। प्रतियोगिता ने उन्हें किसी विषय पर विचार करने और उन्हें लिखित रूप में व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इस गतिविधि में विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति और संवैधानिक विषयों के प्रति रुचि सामने आई।

प्रतिभा को मिला मंच

प्रतियोगिताओं के लिए ज्योति शर्मा सरोज गुर्जर और रीतू शर्मा निर्णायक मंडल में शामिल रहीं। विद्यार्थियों ने दोनों प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर जोर रहा। साथ ही संविधान से जुड़े विचारों को समझने और उन्हें अभिव्यक्त करने का अवसर भी मिला। संस्कृत सप्ताह के माध्यम से महाविद्यालय में भाषा सीखने के साथ विचार और अभिव्यक्ति के कौशल को बढ़ावा देने की कोशिश की गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति संवैधानिक मूल्यों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि विकसित करना रहा। श्लोक पाठ ने विद्यार्थियों को संस्कृत के उच्चारण और प्रस्तुति का मंच दिया वहीं निबंध प्रतियोगिता ने उन्हें संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सोचने का अवसर दिया। संस्कृत सप्ताह के आयोजन से पढ़ाई के साथ ऐसी गतिविधियों की उपयोगिता भी सामने आई जो विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और सर्वांगीण विकास में मदद करती हैं। महाविद्यालय में हुए इस आयोजन ने भाषा संस्कृति संविधान और रचनात्मक सोच को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। कार्यक्रम से संबंधित विवरण उपलब्ध कराए गए तथ्यों पर आधारित हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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