22 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार कुक पहले भी POCSO मामले में जेल जा चुका था। निलंबन के बाद उसकी बहाली कैसे हुई अब यह सवाल है।
प्रतीकात्मक फोटो
ठाणे, महाराष्ट्र। 22 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार ठाणे के सरकारी आश्रम स्कूल के कुक को लेकर गंभीर जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी गणपत गवली पहले भी अघई के एक आश्रम स्कूल में इसी तरह के मामले में POCSO अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका था। उस समय उसे निलंबित किया गया था। जेल से रिहा होने के बाद उसे मुरबाड के मोरोशी आश्रम स्कूल में तैनात किया गया। इसके बाद उसका तबादला शाहपुर के टेंबा आश्रम स्कूल में कर दिया गया। [1]
परियोजना अधिकारी तेजस्विनी आर गालांडे ने बताया कि गवली आदतन आरोपी रहा है और उसके खिलाफ पहले भी कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि अघई आश्रम स्कूल में दर्ज पुराने POCSO मामले के बाद उसे निलंबित किया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बाद में उसकी बहाली किसने और किस प्रक्रिया के तहत की। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उसे फिर निलंबित कर दिया गया है। आरोपी की सेवानिवृत्ति में करीब 10 महीने बाकी बताए गए हैं।
टेंबा आश्रम स्कूल में छात्राओं ने 24 अगस्त को अधिकारियों से शिकायत की थी। स्कूल अधीक्षक ने शिकायत प्रधानाध्यापक को बताई और प्रधानाध्यापक ने तत्काल जनजातीय विकास विभाग को सूचना दी। इसके बाद शाहपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। परियोजना अधिकारी ने कहा कि कई छात्राओं की ओर से समान शिकायत सामने आना मामले की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर दिया और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुराने मामले के बावजूद आरोपी की अलग अलग आश्रम स्कूलों में तैनाती ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों के अनुसार गवली को अघई में गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया था। रिहाई के बाद उसकी पोस्टिंग मोरोशी आश्रम स्कूल में हुई और बाद में उसे टेंबा भेजा गया। 22 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप सामने आने के बाद अब उसकी पिछली सेवा कार्रवाई और बहाली से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है।
मामले में पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। छात्राओं की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और संबंधित विभाग पूरे मामले पर नजर रख रहा है। 22 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपों ने आश्रम स्कूलों में नाबालिगों की सुरक्षा और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। अधिकारियों के अनुसार आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी और नाबालिग छात्राओं की पहचान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।