स्वास्थ्य

छत्तीसगढ़ में HIV संक्रमण पर बढ़ी चिंता, आठ केंद्रों में 16705 मरीज

छत्तीसगढ़ में HIV संक्रमण के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग चिंतित। प्रदेश के आठ प्रमुख ART केंद्रों में उपचार करा रहे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 16705 है।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में HIV संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाई है। प्रदेश के आठ प्रमुख ART केंद्रों में उपचार करा रहे संक्रमित लोगों की कुल संख्या 16705 है। रायपुर केंद्र में 5225 मरीज दर्ज हैं, जबकि दुर्ग में 4569 और बिलासपुर में 3641 मरीज उपचार ले रहे हैं। सरगुजा में 1058, बस्तर में 1137, कोरबा में 410, रायगढ़ में 345 और राजनांदगांव में 320 मरीज दर्ज हैं। इन आंकड़ों के बीच जागरूकता, जांच और उपचार तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। [1]

संक्रमण के मामले बढ़े

रायगढ़ जिले में HIV संक्रमण के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वर्ष 2022 23 में 77 संक्रमित लोग सामने आए थे। वर्ष 2024 में यह संख्या 125 हुई और वर्ष 2025 में 193 नए मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2026 के शुरुआती महीनों में 56 नए मरीज मिले। इसके बाद जिले में सक्रिय मामलों की संख्या 691 से बढ़कर 747 हो गई। इनमें 14 वर्ष या उससे कम उम्र के 16 बच्चे भी शामिल हैं। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के लिए विशेष चिंता का विषय बनी है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार युवाओं में नशीले पदार्थों के लिए संक्रमित सुइयों का साझा इस्तेमाल संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बनकर सामने आया है। रायगढ़ में नशे के खिलाफ अभियान के दौरान कुछ बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उनकी काउंसलिंग और स्वास्थ्य जांच कराई गई। जांच में तीन बच्चे HIV संक्रमित पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और युवाओं को नशे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। समय पर जांच और उपचार तक पहुंच भी महत्वपूर्ण है।

बिलासपुर में बड़ी संख्या

बिलासपुर के ART केंद्र के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2010 से 2025 के बीच कुल 9423 HIV संक्रमित लोग पंजीकृत हुए। इनमें 5492 पुरुष, 3295 महिलाएं और 74 ट्रांसजेंडर व्यक्ति शामिल हैं। वर्तमान में केंद्र में 4472 सक्रिय मामले दर्ज हैं। यह आंकड़ा बताता है कि संक्रमण की निगरानी के साथ नियमित उपचार और दवाओं की उपलब्धता जरूरी बनी हुई है। छत्तीसगढ़ में HIV संक्रमण से प्रभावित लोगों के लिए ART केंद्र उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। स्थानीय स्तर पर इन सेवाओं की उपलब्धता मरीजों के लिए उपयोगी है।

राज्य के अन्य जिलों में भी उपचार व्यवस्था लगातार चल रही है। आठ प्रमुख ART केंद्रों में दर्ज 16705 मरीजों का आंकड़ा राज्य में उपचार की जरूरत के बड़े दायरे को सामने रखता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियानों पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ संक्रमित लोगों को उपचार से जोड़ना और नियमित दवा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। HIV संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जागरूकता दोनों को मजबूत करना चुनौती बनी हुई है।

MCB में स्थानीय इलाज

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लगभग 312 HIV संक्रमित लोग हैं। इनमें 226 लोग मनेंद्रगढ़ विकासखंड से संबंधित हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों और अन्य जिलों के मरीज भी यहां उपचार के लिए पंजीकृत हुए हैं। जिले ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के 95-95-95 लक्ष्यों को पूरा करने में अच्छा प्रदर्शन किया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह लोगों में बीमारी को लेकर जागरूकता और उपचार प्रक्रिया अपनाने की स्थिति को दर्शाता है। स्थानीय स्तर पर इलाज उपलब्ध होने से मरीजों को सुविधा मिली है।

MCB के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खरे के अनुसार जिले में करीब डेढ़ वर्ष पहले ART केंद्र शुरू किया गया था। इससे स्थानीय मरीजों को अपने जिले में ही दवा मिलने लगी। पहले दवा लेने के लिए मरीजों को दूसरे स्थानों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। स्थानीय सुविधा उपलब्ध होने से अब मरीजों को राहत मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उपचार की सुविधा को मरीजों के करीब लाना इलाज जारी रखने में मददगार है। इससे बाहर जाने की जरूरत भी कम हुई है।

रोकथाम सामूहिक जिम्मेदारी

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार HIV से बचाव के उपायों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत बताई। मंत्री के अनुसार HIV की रोकथाम केवल सरकार या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। HIV संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों को बचाव के उपायों की जानकारी देना जरूरी है। साथ ही समय पर जांच और उपचार तक पहुंच सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता गतिविधियों के बीच रायगढ़ में सामने आए बच्चों के मामले नशे और संक्रमण के संबंध को लेकर गंभीर चिंता पैदा करते हैं। अधिकारियों के अनुसार संक्रमित सुइयों के साझा इस्तेमाल से बचाव और जोखिमों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है। वहीं ART केंद्रों के माध्यम से उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई है। राज्य में HIV से जुड़ी चुनौती के बीच जागरूकता, जांच, उपचार और सामाजिक सहयोग को साथ लेकर चलना जरूरी है। रोकथाम में समाज की भूमिका पर भी जोर दिया गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। HIV संक्रमण से संबंधित किसी व्यक्ति की स्थिति का अंतिम निर्धारण चिकित्सकीय जांच और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों की पुष्टि के आधार पर ही किया जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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