नेपाल जाने से पहले तस्करी की आशंका के बीच 6 युवतियां बचीं। डांस बार में काम का दिया गया था झांसा। 2 पुरुषों के साथ सीमा पार करने की कोशिश के दौरान SSB ने रोका।
प्रतीकात्मक फोटो
पानीटंकी, पश्चिम बंगाल। पानीटंकी सीमा पर तस्करी की आशंका उस वक्त गहराई जब त्रिपुरा की 4 किशोरियों और 2 महिलाओं को 2 पुरुषों के साथ नेपाल जाने की कोशिश करते हुए रोका गया। पुलिस के मुताबिक यह समूह गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। सशस्त्र सीमा बल ने Kosi Lok Manch के साथ समन्वय कर सभी 6 लोगों को रोका। जांच के दौरान दोनों पुरुष यह स्पष्ट नहीं कर सके कि वे 6 महिलाओं के साथ सीमा पार क्यों कर रहे थे और उनके पास ऐसा कोई वैध अधिकार भी सामने नहीं आया जिससे उनकी भूमिका साफ हो सके। [1]
पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान लड़कियों ने बताया कि उन्हें नेपाल में डांस का काम दिलाने का भरोसा दिया गया था। लेकिन वे यह साफ नहीं बता सकीं कि उन्हें नेपाल में किस जगह जाना था, वहां किसके साथ काम करना था और कितने समय तक रुकना था। इसी अस्पष्टता ने तस्करी की आशंका को और मजबूत किया। अधिकारियों के मुताबिक एक लड़की और एक महिला के त्रिपुरा स्थित घर से लापता होने की सूचना भी सामने आई। इस जानकारी के बाद मामले को केवल रोजगार के लिए यात्रा मानना अधिकारियों को उचित नहीं लगा।
पानीटंकी दार्जिलिंग जिले में भारत और नेपाल के बीच अहम व्यापार और आवाजाही वाला सीमा क्षेत्र है। ऐसे संवेदनशील रास्ते पर संदिग्ध गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। इस मामले में SSB ने काउंसलिंग और सत्यापन की प्रक्रिया के बाद 6 महिलाओं और दोनों पुरुषों को Kosi Lok Manch के हवाले किया। संगठन ने इसके बाद खोरीबाड़ी थाने से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस अब उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई और जांच आगे बढ़ा रही है। तस्करी की आशंका से जुड़े इस मामले में जांच के बाद तस्वीर और साफ होगी।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि लड़कियों और महिलाओं को नेपाल में काम दिलाने के नाम पर किसने संपर्क किया था और उन्हें सीमा तक कौन लेकर आया। फिलहाल अधिकारियों ने इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं रखा है। इसलिए किसी व्यक्ति या समूह को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि प्रस्तावित नौकरी वास्तविक थी या इसके पीछे शोषण का कोई मकसद था। तस्करी की आशंका के कारण अब सीमा पार ले जाने की पूरी प्रक्रिया और दोनों पुरुषों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मामले की सूचना खोरीबाड़ी पुलिस को दिए जाने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। अधिकारियों के लिए पीड़ितों की सुरक्षा और उनके बयानों का सत्यापन अहम हिस्सा रहेगा। वहीं परिवारों से मिली जानकारी भी जांच की दिशा तय कर सकती है। इंटरनेट पर उपलब्ध हालिया रिपोर्टों में भी पानीटंकी सीमा को मानव तस्करी के संभावित मामलों में निगरानी वाला क्षेत्र बताया गया है। तस्करी की आशंका वाले इस मामले में फिलहाल इतना स्पष्ट है कि 6 लोगों को नेपाल जाने से पहले रोका गया और जांच का सिलसिला जारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। तस्करी से जुड़े आरोप जांच के अधीन हैं और किसी व्यक्ति की भूमिका अदालत या सक्षम जांच एजेंसी के अंतिम निष्कर्ष से पहले निश्चित नहीं मानी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।