36 दिन की तपस्या और दीक्षा की तैयारी ने चेम्बूर के धार्मिक माहौल को खास बना दिया, समारोह में वैराग्य और संयम के साथ तप की अनुमोदना हुई।
महातपस्वी के सानिध्य में 36 दिन की तपस्या
मुंबई, चेंबूर। महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी के पावन सानिध्य में दीक्षार्थी बाबूलालजी बापना का मंगलभावना समारोह आयोजित हुआ। इसी अवसर पर मासखमण तपस्वी सुभाषजी चंडालिया की 36 दिन की तपस्या का वर्धापन भी किया गया। समारोह में साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने कहा कि आज के समय में गृहस्थ जीवन भी बेहद कठिन है और जब मन में वैराग्य के भाव जागें तो संयम की दिशा में प्रस्थान किया जा सकता है। 70 वर्ष की आयु में बाबूलालजी के समर्पण को उन्होंने साधुवाद योग्य बताया।
साध्वीश्री निर्वाणश्रीजी ने अपने उद्बोधन में बाबूलालजी बापना के वैराग्य भाव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन के इस पड़ाव पर भगवान महावीर के शासन और आचार्यश्री महाश्रमणजी के चरणों में समर्पित होने का निर्णय लिया है। उन्होंने तपस्वी सुभाषजी चंडालिया की 36 दिन की तपस्या को भी विशेष रूप से अनुमोदनीय बताया। साध्वी डॉ. योगक्षेमप्रभाजी ने अपने संयोजकीय वक्तव्य में तप और चारित्र के संगम को कार्यक्रम की खास विशेषता बताते हुए दोनों साधकों के प्रति मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
मुमुक्षु बाबूलालजी बापना ने अपने वैराग्य से जुड़े संस्मरण साझा किए और पूज्य गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। समारोह में मुंबई सभा के अध्यक्ष सुरेन्द्र कोठारी, मंत्री गौतम डांगी, कोषाध्यक्ष रिंकुजी बापना सहित चेम्बूर सभा, तेयुप और तेममं के पदाधिकारियों ने दीक्षार्थी और तपस्वी का वर्धापन किया। सभा, परिषद और महिला मंडल की ओर से गीतों की प्रस्तुति हुई। साध्वी लावण्यप्रभाजी ने साध्वीप्रमुखाजी के संदेश का वाचन किया और साध्वीवृंद ने संयम अनुमोदना तथा तप के संदर्भ में गीत प्रस्तुत किए।
तपस्वी परिवार के सदस्यों निधि चंडालिया, अंजना सिंघवी, लीला चोरडिया, आर्यन और विकास सहित बच्चों ने भी तप की अनुमोदना की। मुंबई सभा के मंत्री गौतम डांगी ने अठाई का संकल्प लेकर तपस्वी का सम्मान किया। इसके साथ ही 15 अन्य भाई बहनों ने अट्ठम तप का संकल्प लेकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। समारोह में 36 दिन की तपस्या के प्रति समाज की ओर से उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। दीक्षार्थी बाबूलालजी के संयम मार्ग की ओर बढ़ने को भी उपस्थित लोगों ने भावपूर्ण अवसर के रूप में लिया।
चेम्बूर में इन दिनों तप की झड़ी लगी होने की जानकारी भी समारोह में सामने आई। उपलब्ध तप तालिका के अनुसार श्रेणी तप, प्रतरतप, सिद्धितप और धर्मचक्र सहित विभिन्न तप चल रहे हैं। धर्मचक्र के 2 और कंठीतप के 2 साधक भी बताए गए। ऐसे माहौल में दीक्षार्थी के मंगलभावना समारोह और तपस्वी के वर्धापन ने धार्मिक वातावरण को और भावपूर्ण बना दिया। 36 दिन की तपस्या ने समारोह में तप साधना की गहराई को खास तौर पर सामने रखा और उपस्थित समाजजनों को संयम तथा आत्मानुशासन की प्रेरणा दी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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