मणिपुर में NRC की मांग को लेकर मैरा पाबी ने रैली की। प्रदर्शनकारियों ने जनगणना से पहले NRC अपडेट करने और अवैध प्रवास से जुड़े सवाल उठाए।
विरोध प्रदर्शन
इंफाल, मणिपुर। NRC की मांग को लेकर शनिवार रात इंफाल ईस्ट में मैरा पाबी से जुड़ी महिलाओं ने रैली निकाली और जनगणना से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स को अपडेट करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने नो NRC नो Census के नारे लगाए। उनका कहना था कि जनगणना से पहले नागरिकों की स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने अवैध प्रवास और राज्य की बदलती जनसांख्यिकी को लेकर चिंता भी जताई। यह आंदोलन 2 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले और तेज होता दिख रहा है। [विडियो]
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नो NRC नो Census के नारे लगाते हुए सरकार पर अपनी मांग को गंभीरता से लेने का दबाव बनाया। उनका तर्क है कि अगर नागरिकों की पहचान और रिकॉर्ड से जुड़े सवाल पहले नहीं सुलझे तो जनगणना के आंकड़ों पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। पिछले दिनों भी इंफाल और राज्य के कई इलाकों में इसी मांग को लेकर धरने और रैलियां हुई हैं। अलग अलग नागरिक संगठन और महिला समूह इस अभियान से जुड़ते नजर आए हैं।
मैरा पाबी की यह रैली ऐसे समय हुई है जब मणिपुर में जनगणना को लेकर विरोध लगातार सामने आ रहा है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि पहले NRC अपडेट हो और उसके बाद जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़े। उनका दावा है कि अवैध प्रवास और जनसांख्यिकीय बदलाव की आशंकाओं को नजरअंदाज करके कराई गई जनगणना राज्य के लिए गंभीर असर डाल सकती है। दूसरी ओर NRC से पहले जनगणना कराने के मुद्दे पर राज्य में अलग अलग संगठनों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।
Imphal, Manipur: Meira Paibis held a rally in Imphal East on Saturday night, demanding updation of the National Register of Citizens (NRC) in Manipur before the Census. Raising “No NRC, No Census” slogans, protesters cited concerns over illegal migration and demographic changes.… pic.twitter.com/L42SFJbAUP
— IANS (@ians_india) August 30, 2026
प्रदर्शन में Campaign for Just and Fair Delimitation से जुड़े चिंगथाम नंबम ने कहा कि संगठन 31 अगस्त की आधी रात से 1 सितंबर तक विरोध कार्यक्रमों की अगली कड़ी चलाएगा। उन्होंने कहा कि 1 सितंबर से Census House Listing निर्धारित है और सरकार से इस प्रक्रिया को लेकर पहले ही मांग रखी जा चुकी है। नंबम ने यह भी सवाल उठाया कि दिल्ली गए विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के बाद सरकार की ओर से NRC और जनगणना के मुद्दे पर स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई।
बहरहाल, मणिपुर में NRC की मांग अब केवल एक जगह तक सीमित नहीं दिख रही है। हाल के दिनों में इंफाल समेत कई इलाकों में पोस्टर अभियान, धरने, मशाल रैलियां और अन्य विरोध कार्यक्रम सामने आए हैं। प्रदर्शनकारी जनगणना से पहले NRC अपडेट के साथ विस्थापित लोगों के पुनर्वास जैसे मुद्दों को भी जोड़ रहे हैं। ऐसे में 2 सितंबर से शुरू होने वाला विधानसभा सत्र सरकार के लिए इस पूरे विवाद पर जवाब देने का अहम मौका हो सकता है। फिलहाल NRC की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहने के संकेत हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। अवैध प्रवास और जनसांख्यिकीय बदलाव से जुड़े दावे प्रदर्शनकारी संगठनों की चिंताओं और सार्वजनिक बयानों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं, इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।