नेपाल में बाढ़ के बीच भारत की मदद तेज हुई। चौथी उड़ान काठमांडू पहुंची, साथ में रेस्क्यू टीम, डीएनए विशेषज्ञ, राहत सामग्री और पुल का सामान भी आया।
चौथी उड़ान पहुंची काठमांडू
नई दिल्ली, दिल्ली। भारत की मदद नेपाल में जारी भीषण बाढ़ के बीच लगातार बढ़ रही है। भारत की चौथी विशेष उड़ान रविवार को काठमांडू पहुंची। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से जरूरी राहत सामग्री के साथ तकनीकी क्षमताएं भी भेजी गई हैं। विमान में टनल रेस्क्यू के लिए विशेषज्ञ दल, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और DNA जांच से जुड़े उपकरण मौजूद हैं। IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस उड़ान में 11 टन सहायता सामग्री भेजी गई है। [1]
चौथी उड़ान में टनल रेस्क्यू के लिए तकनीकी दल को उपकरणों के साथ भेजा गया है। इसके अलावा फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और DNA विश्लेषण से जुड़े उपकरण भी पहुंचे हैं, ताकि आपदा में फंसे या लापता लोगों की पहचान में मदद मिल सके। इससे पहले भारत की एक विशेषज्ञ टीम नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाके में हाइड्रोपावर टनल का निरीक्षण शुरू कर चुकी है। इस टीम में डॉक्टर, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ शामिल हैं, जो जरूरत के मुताबिक खोज और बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
विमान में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट जैसी जरूरी सामग्री भी भेजी गई है। इससे पहले भारत कई चरणों में नेपाल को राहत सामग्री पहुंचा चुका है। अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है। इसमें जरूरी दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर, भोजन के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं। भारत ने आपदा के तुरंत बाद राहत अभियान शुरू किया था और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहायता भेजने की बात लगातार दोहराई है।
पुलों से जुड़े इंतजामबाढ़ से नेपाल में जरूरी ढांचा भी प्रभावित हुआ है, इसलिए भारत की मदद अब केवल राहत सामग्री तक सीमित नहीं है। जयशंकर के मुताबिक 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा 7 और बैली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी सामान जल्द भेजा जाएगा। इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी। इसका मकसद बाढ़ से प्रभावित इलाकों में संपर्क बहाल करना और राहत तथा बचाव कार्यों को जरूरी ढांचागत मदद देना है।
नेपाल में बाढ़ के हालात अब भी चुनौतीपूर्ण हैं और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान जारी है। नेपाल की आपदा प्रबंधन संस्था ने भी कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद नया अलर्ट जारी किया है। ऐसे समय में भारत की मदद राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता, तकनीकी विशेषज्ञता और बुनियादी ढांचा बहाली तक फैल गई है। चौथी उड़ान के पहुंचने के साथ भारत ने साफ किया है कि नेपाल के बचाव और राहत प्रयासों में उसका सहयोग जारी रहेगा और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सहायता जुटाई जाती रहेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। राहत और बचाव से जुड़े तकनीकी विवरण संबंधित आधिकारिक बयानों और समाचार स्रोतों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं, अभियान की परिस्थितियों के अनुसार इनमें बदलाव संभव है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।