चीनी की कीमत में करीब 8 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है। फुटकर में चीनी के दाम 70 से घटकर 62 रुपये हो गए, जबकि थोक में 56 से 58 रुपये किलो भाव चल रहा है।
प्रतीकात्मक फोटो
भोपाल, मध्य प्रदेश। चीनी के दाम घटे हैं और लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं को फिलहाल थोड़ी राहत मिली है। राजधानी के फुटकर बाजार में चीनी का भाव करीब 70 रुपये प्रति किलो से घटकर लगभग 62 रुपये किलो रह गया है। यानी ग्राहकों को करीब 8 रुपये प्रति किलो की राहत मिली है। हालांकि बाजार में इसे अभी बड़ी राहत नहीं माना जा रहा है, क्योंकि कीमतें कुछ समय पहले के मुकाबले अब भी काफी ऊंची हैं। थोक बाजार में चीनी का भाव फिलहाल 56 से 58 रुपये प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है। [1]
चीनी के दाम घटे हैं तो इसके पीछे बाजार में स्टॉक और सप्लाई पर बढ़ी सरकारी निगरानी को अहम वजह माना जा रहा है। हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी के बाद सरकार ने बाजार में उपलब्ध स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति पर नजर बढ़ाई है। इससे बाजार में तेजी का दबाव कुछ कमजोर पड़ा है। कारोबारियों के मुताबिक पर्याप्त स्टॉक बाजार में बना रहा और आपूर्ति नियमित रही तो कीमतों में आगे भी नरमी आ सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को मिली राहत सीमित जरूर है लेकिन तेजी का रुख कमजोर पड़ा है।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के मुताबिक लगातार तेजी के बाद अब चीनी बाजार में नरमी का दौर शुरू हुआ है। उनके अनुसार थोक बाजार में कीमत कम होने का सीधा असर फुटकर बाजार पर भी पड़ा है। कुछ समय पहले चीनी करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थी लेकिन अब फुटकर भाव लगभग 62 रुपये किलो रह गया है। उनका कहना है कि अगर सरकार आने वाले दिनों में मासिक कोटा बढ़ाती है और बाजार में पर्याप्त माल उपलब्ध रहता है तो कीमतों में और गिरावट की संभावना बन सकती है।
चीनी के दाम घटे हैं लेकिन उपभोक्ताओं के लिए राहत अभी पूरी नहीं हुई है। कुछ दिन पहले तक तेजी इतनी ज्यादा थी कि त्योहारों से पहले चीनी के भाव 70 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। इससे घरों के बजट के साथ मिठाई कारोबार पर भी दबाव बढ़ा था। अब कीमत कम होने से थोड़ी राहत जरूर मिली है लेकिन कारोबारियों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में थोक बाजार में भाव किस दिशा में जाते हैं। अगर आपूर्ति बढ़ती है तो फुटकर कीमत और नीचे आने की उम्मीद है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए चीनी की मांग आगे बढ़ सकती है। ऐसे में बाजार में पर्याप्त स्टॉक रखना सबसे अहम होगा। कारोबारियों का मानना है कि सरकार की निगरानी लगातार बनी रही और जमाखोरी या कृत्रिम कमी की स्थिति नहीं बनी तो कीमतों में स्थिरता आ सकती है। फिलहाल चीनी के दाम घटे हैं और यह उपभोक्ताओं के लिए राहत का संकेत है लेकिन अगले कुछ सप्ताह बाजार की दिशा तय करने में अहम होंगे। नियमित सप्लाई और पर्याप्त स्टॉक ही यह तय करेंगे कि 62 रुपये का भाव आगे और नीचे जाता है या फिर मांग बढ़ने पर दोबारा तेजी लौटती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। चीनी के खुदरा और थोक भाव बाजार की स्थिति, मांग, आपूर्ति और सरकारी नीतियों के अनुसार बदल सकते हैं इसलिए स्थानीय बाजार में वास्तविक कीमत अलग हो सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।