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मणिपुर में दोहरी हिंसा, दो घटनाओं ने फिर बढ़ाई सुरक्षा की चिंता

मणिपुर में दोहरी हिंसा की घटनाओं से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। नोनी में दो गुटों की गोलीबारी में 1 व्यक्ति की मौत और 6 घायल हुए। थौबल में ग्रेनेड फटा।

By अजय त्यागी 1 min read
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प्रतीकात्मक फोटो

नोनी, मणिपुर। मणिपुर में दोहरी हिंसा ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नोनी जिले में जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट के दो गुटों के बीच गोलीबारी में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक ZUF कामसन और ZUF जेंचुई गुटों के कैडरों के बीच शनिवार को टकराव हुआ। मृतक की पहचान जांगैलिंग गोनमेई के रूप में की गई है। घायलों में से 5 को इंफाल के जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया है। [1]

गुटों में टकराव क्यों

पुलिस के मुताबिक नोनी में दोनों गुटों के बीच टकराव के दौरान जमकर गोलीबारी हुई। इस घटना में घायल हुए 5 लोगों का इलाज जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। एक अन्य घायल को इंफाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों में दोनों गुटों के बीच पहले भी टकराव की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि यह मामला किसी बाहरी हमले के बजाय संगठन के भीतर गुटीय संघर्ष से जुड़ा हो सकता है।

मणिपुर में दोहरी हिंसा की दूसरी घटना थौबल जिले में सामने आई। पुलिस के अनुसार शनिवार शाम कुछ अज्ञात लोग कार से एक तेल पंप पर पहुंचे और परिसर में खड़े तेल टैंकर के पास ग्रेनेड फेंक दिया। करीब 6:30 बजे हुए धमाके से इलाके में अफरा तफरी मच गई। हालांकि घटना में किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं है। धमाके से तेल टैंकर और पंप की दीवार को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सीसीटीवी से खुलेगा राज

थौबल में हुए ग्रेनेड धमाके के बाद पुलिस अब आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके लिए तेल पंप और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कौन थे और उन्होंने तेल पंप को ही निशाना क्यों बनाया। फिलहाल किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। इसलिए हमले के पीछे की वजह को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

नोनी की घटना ने भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दोनों गुटों के बीच हिंसक टकराव के बाद इलाके में फिर गोलीबारी की आवाज सुनाई दी थी। सुरक्षा कारणों से स्थानीय लोगों और पुलिस के लिए घटनास्थल तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण रहा। मणिपुर में दोहरी हिंसा की घटनाएं ऐसे समय सामने आई हैं जब सुरक्षा व्यवस्था पहले से संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन के सामने अब दोनों मामलों की जांच के साथ इलाके में आगे हिंसा रोकने की चुनौती भी है।

सुरक्षा पर फिर सवाल

मणिपुर में दोहरी हिंसा ने यह सवाल फिर खड़ा किया है कि संवेदनशील इलाकों में हथियारबंद गुटों की गतिविधियों और विस्फोटक हमलों पर कितनी प्रभावी निगरानी हो पा रही है। नोनी में गुटीय गोलीबारी और थौबल में ग्रेनेड धमाके की प्रकृति अलग है लेकिन दोनों घटनाएं सुरक्षा के लिहाज से गंभीर हैं। फिलहाल नोनी में 1 मौत और 6 घायलों तथा थौबल में बिना जनहानि वाले धमाके की पुष्टि हुई है। पुलिस की जांच से ही दोनों घटनाओं के पीछे की पूरी वजह सामने आएगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नोनी की घटना से जुड़े शुरुआती विवरणों में विभिन्न स्रोतों के बीच मृतकों और घटनाक्रम को लेकर अंतर पाया गया है इसलिए पुलिस आधारित जानकारी को प्राथमिकता दी गई है। जांच पूरी होने तक किसी व्यक्ति या संगठन को घटना के लिए जिम्मेदार मानना उचित नहीं होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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