प्रादेशिक

मंदाकिनी उफान पर, 700 लोग बचाए, कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूटा

मंदाकिनी उफान पर है, बांधों के गेट खोलने पड़े, कई गांवों का संपर्क टूटा, 700 लोग बचाए गए और CM मोहन यादव ने राहत का मोर्चा खुद संभाला है।

By अजय त्यागी 1 min read
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People crossing a flooded river on a boat (ETV Bharat)

छतरपुर, मध्य प्रदेश। लगातार बारिश ने पूर्वी मध्य प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर कर दी है। छतरपुर, चित्रकूट, रीवा और सतना सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर होने से नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 30 फीट ऊपर पहुंच गया था, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी स्थिति की समीक्षा के लिए रीवा पहुंचे और बाद में चित्रकूट जाकर प्रभावित परिवारों से मिले। [1]

बांधों से बढ़ी चिंता

मंदाकिनी उफान पर होने के साथ साथ धसान नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद लहचूरा बांध के 17 में से 9 गेट खोल दिए गए और करीब 89100 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं छतरपुर और टीकमगढ़ सीमा पर बने बन सुजारा बांध के 8 गेट खोलकर पानी धसान नदी में छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर करीब 8 फीट बढ़ गया। निचले इलाकों के गांवों के लिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। सिंचाई विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं और जरूरत के हिसाब से आगे के फैसले लिए जा रहे हैं।

बारिश का असर गांवों पर भी साफ दिख रहा है। उत्तर प्रदेश सीमा से लगे चंदला, गौरिहार, नेहरा, लसगरा, खड्डी, पहाड़ा और पड़वार जैसे इलाकों का सीधा संपर्क प्रभावित हुआ है। कई जगह ग्रामीणों को नाव के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केन नदी पर बन रहा नेहरा नहरी पुल करीब 95 प्रतिशत पूरा होने के बावजूद चालू नहीं हुआ है। इससे हजारों ग्रामीणों को नदी के दूसरी ओर पहुंचने के लिए करीब 20 से 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

रेस्क्यू में जुटी टीमें

सतना और चित्रकूट में हालात को देखते हुए SDRF और NDRF की टीमें सक्रिय हैं। हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार करीब 700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और कुछ लोगों को नाव से तथा 2 लोगों को हेलीकॉप्टर से बचाया गया। चित्रकूट में प्रभावित लोगों के लिए 10 स्थानों पर आश्रय की व्यवस्था की गई है और 6000 से ज्यादा भोजन पैकेट बांटे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी तथा घाटों से दूर रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए भोजन, कपड़े और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सतना कलेक्टर ने बताया कि चित्रकूट की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में राहत टीमें काम कर रही हैं। मंदाकिनी उफान पर आने से हालात तेजी से बिगड़े थे, लेकिन प्रशासन के मुताबिक स्थिति अब नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में और बारिश की संभावना के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को अलर्ट पर रखा है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बाढ़ और जलस्तर से जुड़े आंकड़े तथा प्रशासनिक स्थिति समय के साथ बदल सकती है इसलिए स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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