अंगुल में स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। 4 मरीजों की पुष्टि हुई है और एक मरीज की मौत को लेकर कारणों की जांच जारी है।
प्रतीकात्मक फोटो
अंगुल, ओडिशा। सनाबगधारी गांव में स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के मुताबिक खमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले गांव में 4 मरीजों की पुष्टि हुई है। इसी बीच सुमंत सेठी नाम के मरीज की मौत का मामला सामने आया है। उसकी रिपोर्ट स्क्रब टाइफस पॉजिटिव आई थी, लेकिन जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि मरीज पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहा था। इसलिए मौत की सीधी वजह अभी जांच के अधीन है। [1]
सीडीएमओ मदन मोहन प्रधान के अनुसार मृतक सुमंत सेठी का क्रिएटिनिन स्तर 5 से ज्यादा था और यूरिया करीब 155 था। डॉक्टरों के मुताबिक ये आंकड़े गंभीर गुर्दा संबंधी बीमारी की ओर इशारा करते हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग यह तय करने में सावधानी बरत रहा है कि मौत स्क्रब टाइफस के कारण हुई या पहले से मौजूद गंभीर बीमारियों ने इसमें भूमिका निभाई। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और बीमारी के लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील की है।
स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने के बाद प्रभावित गांव में मेडिकल टीम भेजी गई है। एक महामारी विशेषज्ञ और डीपीएचओ की अगुवाई में टीम इलाके की स्थिति देख रही है। इसके साथ 4 सदस्यीय टीम गांव और आसपास के क्षेत्रों में सर्वे कर रही है। बुखार से पीड़ित लोगों के रक्त नमूने लिए जा रहे हैं और जरूरत के मुताबिक बचाव की दवाएं बांटी जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी अभियान को अगले 15 दिनों तक जारी रखने की बात कही है ताकि नए मामलों की समय पर पहचान हो सके।
अधिकारियों के मुताबिक स्क्रब टाइफस घास, झाड़ियों और पत्तियों वाले इलाकों में पाए जाने वाले बेहद छोटे संक्रमित माइट के काटने से फैलता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। समय पर पहचान होने पर इसका इलाज सामान्य एंटीबायोटिक दवाओं जैसे डॉक्सीसाइक्लिन या एजिथ्रोमाइसिन से किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को खेतों, झाड़ियों और घने वनस्पति वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता नए स्क्रब टाइफस के मामले रोकना और बुखार से पीड़ित लोगों की जांच करना है। गांव में रक्त नमूने लेने के साथ दवाओं का वितरण भी शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी नहीं करनी चाहिए। खासकर तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना जरूरी है। सुमंत सेठी की मौत की वजह पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सुमंत सेठी की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय और प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा तथा बीमारी के मामलों की संख्या भी जांच के साथ बदल सकती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।